Friday , July 20 2018

बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू, घोटाले पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू होगा. दूसरा चरण आज से शुरू होकर छह अप्रैल तक चलेगा. पहला चरण 29 जनवरी से नौ फरवरी तक हुआ था. पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनावी नतीजों से उत्साहित बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) और बैंकिंग घोटालों सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए कमर कसे विपक्ष के बीच इस सत्र में टकराव के आसार हैं.

 

संसद के दोनों सत्रों की बैठक आज करीब एक महीने के अंतराल के बाद शुरू होने जा रही है. इस दौरान भगोड़े आर्थिक अपराधी बिल और तीन तलाक बिल को पास कराना सरकार के एजेंडे में टॉप पर होगा. पीएनबी घोटाले पर कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव दिया है यानि विपक्ष सब काम रोक कर सबसे पहले इस घोटाले पर चर्चा कराने और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेगा.

 

हीरा व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसों के 12,700 करोड़ रुपये के घोटाले और उसके बाद देश से भाग जाने के बाद सरकार ने आर्थिक अपराधियों को निशाने पर लेने वाले बिल को मंजूरी दी है. इस बिल में फरार आर्थिक अपराधियों और कर्ज में डूब जाने वाले व्यापारियों की संपत्तियों को कुर्क करने का प्रावधान है. विपक्ष कोशिश करेगा कि धोखाधड़ी के लिए सरकार को घेरा जाए और उस पर हमला तेज किया जाए.

 

विपक्ष इस बात को खास तौर पर उठायेगा कि नीरव मोदी से पहले शराब व्यापारी विजय माल्या भी सार्वजनिक बैंकों से करोड़ों रुपए का कर्ज लेकर देश से भाग गया. बीजेपी ने पहले ही दावा किया है कि पीएनबी घोटाला उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस नीत यूपीए सत्ता में थी और एनडीए सरकार ने तत्परता से कार्रवाई की है जिसके चलते धोखाधड़ी सामने आई.

 

इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संसद में टकराव होने के आसार हैं. बीजेपी इस बात से काफी उत्साहित है कि त्रिपुरा में उसकी शानदार जीत हुई है. वहीं नगालैंड और मेघालय में उसका बेहतरीन प्रदर्शन रहा, जबकि कांग्रेस को बड़ी पराजय झेलनी पड़ी. तीन तलाक बिल भी विवाद का एक विषय बना हुआ है. विवाद की वजह वो प्रावधान है जिसकी वजह से एक बार में तीन तलाक देने वाले पति को तीन साल के लिए जेल जाना होगा.

 

बीजेपी पहले ही यह साफ कर चुकी है कि वो इस बिल को संसद से मंजूरी दिलवा कर रहेगी, जबकि कांग्रेस और लेफ्ट सहित अन्य दल इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं. ओबीसी आयोग को संवैधानिक निकाय का दर्जा दिलवाने वाले बिल को संसद की मंजूरी दिलवाना भी सरकार की प्राथमिकता में रहेगा. सरकार आम बजट को भी इसी सत्र के दौरान मंजूरी दिलवायेगी.

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