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बजट सिर्फ़ शुरु जो कुछ मुम्किन था मैंने किया: जेटली

बजट में काफ़ी सुधार‌ ना करने पर तन्क़ीद को अंदेखी करते हुए मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनांस अरूण जेटली ने कहा कि ये तो सफ़र का सिर्फ़ आग़ाज़ है। मौजूदा हालात मेंजो कुछ मुम्किन होसकता था उन्होंने किया है। अरूण जेटली पी टी आई को इंटरव्यू दे रहे थे। उ

बजट में काफ़ी सुधार‌ ना करने पर तन्क़ीद को अंदेखी करते हुए मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनांस अरूण जेटली ने कहा कि ये तो सफ़र का सिर्फ़ आग़ाज़ है। मौजूदा हालात मेंजो कुछ मुम्किन होसकता था उन्होंने किया है। अरूण जेटली पी टी आई को इंटरव्यू दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ये तो सफ़रका सिर्फ़ आग़ाज़ है इख़तताम नहीं।

अभी हम जितना करसकते थे हम ने इतना किया है। तमाम फ़ैसले एक ही दिन में नहीं किए जा सकते। अरूण जेटली ने 10 जुलाई को अपना अव्वलीन बजट पेश किया है जिस पर सख़्त तन्क़ीद की जा रही है।

खासतौर पर मुख़्तलिफ़ इदारों की जानिब से उनके टेक्स तरमीमात पर अमल आवरी ना करने और शोबा सनअत को काफ़ी रियायतें फ़राहम ना करने पर मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनांस तन्क़ीद का निशाना बने हुए हैं ताहम वज़ीर फ़ीनांस ने तंख़्वाह याब मुलाज़मीन को 22 हज़ार 200 करोड़ रुपये रास्त मुहासिल की क़ुर्बानी देते राहत रसानी की है।

उन्होंने तन्क़ीद को रद‌ करते हुए कहा कि हुकूमत ज़रूरी अहम इक़दामात करचुकी है जो गुजिश्ता 10 साल की मुद्दत में भी नहीं किए गए थे। उन्होंने कहा कि तमाम बड़े मसाइल इंशोरेंस रईल स्टेट दिफ़ा अस्तक़दामी असर से टैक्स टैक्स इंतिज़ामिया को सादा बनाना क़ीमत के ताय्युन की मुंतक़ली 45 दिन के अंदर अहम इक़दामात थे। जिन के ज़रिया उन्होंने हर एक मसला की यकसूई की कोशिश की है और पैदावार शोबा पर ज़ोर दिया है।

उन्होंने कहा कि ये अहम फ़ैसले हैं। हमारी हुकूमत हर शोबा में वाज़िह मौक़िफ़ रखती है और हर शोबा को ज़्यादा राहत रसानी की गई है। आम आदमी पर आप कितना बोझ लादेंगे इसी वजह से उन्होंने कहा कि उन्होंने कोशिश की है क इन्फ़िरादी टैक्स अंदाज़ी को माक़ूल बनाया जाये। उन्होंने कहा कि उन्होंने टैक्सों के ढाँचे को बरअक्स करते हुए ख़त्म कर दिया है।

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