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बज़्म-ए-शगूफ़ा जद्दा की इस्तिक़बालीया मज़ाहीया-ओ-संजीदा अदबी महफ़िल का इनइक़ाद

जुदा । १६ । मई : ( ई मेल ) : जनाब असलम फ़रशूरी और उन की अहलिया शबीना फ़रशूरी और मारूफ़ शायरा मुहतरमा तसनीम जौहर की जुदा आमद के मौक़ा पर 7 मई को बज़्म-ए-शगूफ़ा जद्दा की जानिब से शादाब रीसतोरनट में एक शानदार अदबी महफ़िल का इनइक़ाद अमल में आ

जुदा । १६ । मई : ( ई मेल ) : जनाब असलम फ़रशूरी और उन की अहलिया शबीना फ़रशूरी और मारूफ़ शायरा मुहतरमा तसनीम जौहर की जुदा आमद के मौक़ा पर 7 मई को बज़्म-ए-शगूफ़ा जद्दा की जानिब से शादाब रीसतोरनट में एक शानदार अदबी महफ़िल का इनइक़ाद अमल में आया। असलम फ़रशूरी अपनी आलमी पहचान रखते हैं।

वो एक ज़िंदा दिल, हाज़िर जवाब और ज़हीन नाज़िम-ए-मुशायरा हींाल इंडिया रेडीयो और ई टी वी उर्दू के डायरैक्टर रह चुके हैं।डर अम्मी, फ़िल्म और सीरियल के हवाले से उन के कई कारहाए नुमायां हैं। इन तमाम ख़िदमात के पस-ए-पर्दा उर्दू की मुहब्बत और ख़िदमत पेश पेश रही है। इसलिए अहल-ए-जद्दा ने उन की ख़ातिरख़वाह तहनियत केलिए एक यादगार नशिस्त का एहतिमाम किया । अलीम ख़ान फ़लकी ओवरसीज़ ऐडीटर शगूफ़ा ने मेज़बानी की।

डाक्टर सय्यद अली महमूद बज़्म-ए-इत्तिहाद जद्दा और शमीम कौसर-ओ-एजाज़ अहमद ख़ान ख़ाक तुय्यबा ट्रस्ट के इलावा नासिर ख़ुरशीद गुलबर्गा चैरीटेबल एसोसी उष्ण,महताब क़दर उर्दू गुलबुन,शरीफ़ असलम ज़िंदा दिलाँ जद्दा , जमाल कादरी उर्दू एकेडेमी जद्दा , नईम बाज़ीद पूरी उर्दू न्यूज़, डाक्टर हारून सईद और अबदूर्रज़्ज़ाक़ सोशियो रीफार्म सोसाइटी, माहिर सिद्दीक़ी साज़ और आवाज़, रिहान ख़ान , फ़िज़ा-ए-अलरहमान , हुस्न बाएज़ीद साहिबान ने भरपूर तआवुन पेश किया ।

इस मौक़ा पर रोड की से तशरीफ़ लाए शायर मह्शर आफ़रीदी भी मौजूद थी। इन को भी तहनियत पेश की गई। मेहमानान को शाल और मोमनटो पेश किए गई। पहली नशिस्त में मज़ाहीया मज़ामीन पेश किए गए जिस में आरिफ़ मसऊद सिद्दीक़ी और मुहतरमा शबीना फ़रशूरी ने हिस्सा लिया।

जिस में हिंद-ओ-पाक के नामवर मुक़ामी शोअरा में जनाब महताब क़दर, मुहसिन अलवी, इर्फ़ान बारह बनकवी, नासिर बरनी , हामिद सलीम (मज़ाहीया) और अलीम ख़ान फ़लकी शामिल थी।

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