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बताइए, क़ब्ज़ा हटेगा या नहीं

पटना 10 मई : पटना हाइकोर्ट ने दारुल हुकूमत में ज़ारे हैत (अतिक्रमण) को लेकर सरकार को एक बार फिर सख्त फटकार लगायी है। अदालत ने म्युन्सिपल कॉर्पोरशन से कहा कि वह दो लाइन में हलफनामा दायर कर बताये कि शहर को क़ब्ज़ा से आज़ाद करा पायेगा या

पटना 10 मई : पटना हाइकोर्ट ने दारुल हुकूमत में ज़ारे हैत (अतिक्रमण) को लेकर सरकार को एक बार फिर सख्त फटकार लगायी है। अदालत ने म्युन्सिपल कॉर्पोरशन से कहा कि वह दो लाइन में हलफनामा दायर कर बताये कि शहर को क़ब्ज़ा से आज़ाद करा पायेगा या नहीं।

जज नवीन सिन्हा और शिवाजी पांडेय के बेंच ने कहा कि अगर आप ऐसा नहीं कर पायेंगे, तो हमें बताइए। अदालत दूसरे एख्तियारात के काबिल है। बेंच ने दारुल हुकूमत में जार हैत(अतिक्रमण) को लेकर सालो पहले अरुण कुमार मुखर्जी की दायर आवामी मुफाद दरख्वास्त की फाइल फिर से खुलवाने का हिदायत दिया।

जज ने उस वक़्त के दिए एह्कमात की भी मालूमात मांगी और कहा कि उन एह्केमात की अभी क्या हालत है। दरख्वास्त गुज़ार राजकिशोर श्रीवास्तव ने अपनी दरख्वास्त में जक्कनपुर और गर्दनीबाग इलाके में सरकारी जमीन के क़ब्ज़ा पर अदालत का ज़ेहन खींचा था। सुनवाई के दौरान अदालत ने शहर तरक्की महकमा, रोड तामीर, पटना म्युन्सिपल कॉर्पोरशन और पुलिस इंतेजामिया को मजबूत तौर पर 24 जून तक एक्शन टेकेन रिपोर्ट फराहम कराने की हेदायत दी है।

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