बदला लेने को बेताब, BSF की महिला जवानों का भी खौल रहा है खून

बदला लेने को बेताब, BSF की महिला जवानों का भी खौल रहा है खून

झूंझनू के नवलगढ़ की बबीता खेदड़ और प्रियंका, दौसा की अनीता मीणा, मध्य प्रदेश के खंडवा की सीमा एंगल चार साल से BSF में हैं।
चारों रोजाना की तरह दिन में हथियारों के साथ तारबंदी पर जाती हैं और पाकिस्तान की एक-एक हरकत पर नजर रखती हैं। उनकी ज्वाइनिंग के बाद पहली बार यह मौका आया है, जब सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है।

रोजाना इनके पास भी परिचितों के फोन आते हैं। सभी एक ही बात कहते हैं कि बॉर्डर पर अभी माहौल अच्छा नहीं है। छुट्टी लेकर घर चली जाओ, तो कुछ कहते हैं कि बॉर्डर से ड्यूटी कट करवाकर ऑफिस में लगवा लो लेकिन चारों ने इससे साफ इंकार कर दिया।

पंजाब के ये दो घर सीमा पर, देखीं दो लड़ाइयां लेकिन डर नहीं महिला जवानों ने कहा-दुश्मन गलती से भी इधर आया तो जिंदा नहीं लौटेगा|सुबह चार साढ़े चार बजे ही उनकी दिनचर्या शुरू हो जाती है।

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