बम धमाका : मुल्ज़िम के ज़ेर-ए-इस्तेमाल दो मकानात की निशानदेही

बम धमाका : मुल्ज़िम के ज़ेर-ए-इस्तेमाल दो मकानात की निशानदेही
बृन्दावन धमाके में मुल्ज़िमीन ने जिन मकानात का इस्तेमाल किया था इस में से मज़ीद दो मकानात की भी निशानदेही हुई है जो 2 अक्टूबर खग्रा गढ़ के मकान से हुए धमाके के मुक़ाम से कुछ फ़ासले पर वाक़्य है जहां 2 अक्टूबर को धमाके हुए थे।

बृन्दावन धमाके में मुल्ज़िमीन ने जिन मकानात का इस्तेमाल किया था इस में से मज़ीद दो मकानात की भी निशानदेही हुई है जो 2 अक्टूबर खग्रा गढ़ के मकान से हुए धमाके के मुक़ाम से कुछ फ़ासले पर वाक़्य है जहां 2 अक्टूबर को धमाके हुए थे।

पुलिस सुप्रिटेंडेंट‌ ऐस ऐम ऐच मिर्ज़ा ने बताया कि दो मकानात मौक़ूआ बाबूर बाग़ और बादशाही लाऊं का मोबाईल टावर के महल वक़ूअ की मदद से पता चल गया। तहक़ीक़ात करने वालों का ख़्याल है कि मुंदरजा बाला दो मकानात में से एक मकान में धमाका करने वाला मुश्तबा मुल्ज़िम कौसर रहा करता था।

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