Monday , December 11 2017

बम धमाकों के दरमियान लोगों ने दिखायी दिलेरी

पीर दोपहर के बारह बजे। बम धमाकों से दरियारपुर गोला ब्रह्मस्थान का इलाका थर्रा गया। गोली-बम की आवाज सुनते ही आसपास की दुकानें बंद होने लगीं। ऐसे में दारुल हुकूमत के फकीरवाड़ा और ब्रह्मस्थान के वाशिंदो ने सबके सामने मिसाल कायम की।

पीर दोपहर के बारह बजे। बम धमाकों से दरियारपुर गोला ब्रह्मस्थान का इलाका थर्रा गया। गोली-बम की आवाज सुनते ही आसपास की दुकानें बंद होने लगीं। ऐसे में दारुल हुकूमत के फकीरवाड़ा और ब्रह्मस्थान के वाशिंदो ने सबके सामने मिसाल कायम की। पहले लुटेरों के साथ खदेड़ा-खदेड़ी हुई। फिर फिल्मी स्टाइल में मुजरिमों ने भीड़ के ऊपर फायरिंग की।

फिर भी लोग पीछे नहीं हटे। आखिर में लुटेरों ने बम फेंकने की धमकी दी। उसके बावजूद लोग उन्हें खदेड़ते रहे। आम लोगों को इस बात का थोड़ा भी डर नहीं था कि मुजरिमों ने अगर एक बम भी फेंका तो उनका क्या हाल होगा? खाली हाथ दौड़ रहे लोगों ने बम और पिस्तौल से लैस मुजरिमों को दबोच लिया। सैकड़ो लोगों की इस बहादुरी को देखकर पटना पुलिस महकमे के अफसर भी हैरान हैं। दरियारपुर गोला वाकेय धोबी गली के रहने वाले हरेंद्र पासवान ने इस पूरे वाकिए के दौरान अहम किरदार निभायी।

हरेंद्र सब्जी लेकर अपने घर वापस लौट रहे थे। तभी उन्होंने शोर-शराबे की आवाज सुनी। दौड़कर जब वे फकीरवाड़ा की ओर गए तो तीन लड़कों को भागते हुए देखा। सभी भीड़ के ऊपर पिस्तौल दिखा रहे थे। अपनी दिलेरी का मुजाहिरा करते हुए हरेंद्र ने आसपास के लड़कों को शोर-शराबा कर बुलाया और एक लुटेरे को पकड़ लिया। उसके बाद भीड़ का हौसला बढ़ गया और बाकी के दो लुटेरे भी पकड़े गए। हरेंद्र के मुताबिक पकड़े जाने के बाद एक लुटेरे ने यहां तक कहा कि ‘मुझे छोड़ दो वरना बम मार दूंगा’।

अगर इन मुजरिमों को भीड़ पकड़कर पुलिस के हवाले नहीं करती तो ये केस भी ठंडे बस्ते में जा सकता था। तीन मुजरिमों के पकड़े जाने से पुलिस को गिरोह का सुराग मिल गया। डॉ. शांति राय के कैशियर से लूट और कत्ल के वक्त भी कई लोग राजेंद्र नगर पुल वाकेय पीएनबी के नजदीक मौजूद थे। लेकिन किसी ने मुजरिमों को पकड़ना तो दूर उनका हुलिया तक पुलिस को नहीं बताया। नतीजतन अब तक पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लग सका है।

जाये हादसा से थोड़ी ही दूरी पर पुलिस चेक पोस्ट दरियारपुर गोला में एक पुलिस चेक पोस्ट है लेकिन वहां कूड़ा-कचरा भरा होता है। पुलिस मुलाज़िमीन की तैनाती उस चेक पोस्ट पर नहीं की गई है। पटना में ऐसे कई चेक पोस्ट हैं जहां पुलिस नहीं बैठती। – आम लोगों ने यक़ीनी तौर से एक अच्छा काम किया है। बम और पिस्तौल से लैस लुटेरों को पकड़ लेना मामूली बात नहीं है। जिन लोगों ने दिलेरी दिखाई है उनकी शिनाख्त कर यक़ीनी तौर से इनाम दिया जाएगा।

इससे आम लोगों का हौसला बढ़ेगा और वे पुलिस की मदद करने के लिए आगे आएंगे। -सुशील एम खोपड़े, जोनल आईजी, पटना।

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