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बरसर-ए-आम ख़वातीन पर हमलों के लिए बदनाम मुतलक़ बी जे पी में शामिल

श्रीराम सेना का मुतनाज़ा सदर जो मंगलोर‌ में 2009 में ख़वातीन पर हमलों में मुलव्विस‌ था, प्रमोद मुतलक़ बी जे पी में शामिल हो गया। जिस पर कांग्रेस की जानिब से शदीद रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा गया है कि ख़वातीन के हुक़ूक़ के बारे में भ

श्रीराम सेना का मुतनाज़ा सदर जो मंगलोर‌ में 2009 में ख़वातीन पर हमलों में मुलव्विस‌ था, प्रमोद मुतलक़ बी जे पी में शामिल हो गया। जिस पर कांग्रेस की जानिब से शदीद रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा गया है कि ख़वातीन के हुक़ूक़ के बारे में भगवा पार्टी बेनकाब होगई है।

मुतलक़ को पार्टी में शमूलीयत पर इनका इस्तेखबाल‌ करते हुए रियासती सदर बी जे पी प्रहलाद जोशी, साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर जगदीश और साबिक़ डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर के एस इश्वर पा ने एक तक़रीब में उनकी दिल खोल कर सताइश की। मुतलक़ ने एक प्रेस‌ काफ्रेंस‌ में कहा कि वो बी जे पी में इस लिए शामिल होगए हैं क्योंकि इस का मक़सद नरेंद्र मोदी को आइन्दा वज़ीर-ए-आज़म बनाना है।

वो दाएं बाज़ू की तंज़ीम के कारकुनों की वजह से मशहूर होगए थे जिन्होंने नौजवान ख़वातीन और मर्दों पर उर्यां अंदाज़ में रवैया इख़तेयार करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए उन पर हमले किए थे। मुतलक़ को इस वाक़िये के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था।

उन्होंने दावा किया था कि उनकी ये कार्यवाहीयां ख़वातीन के तहफ़्फ़ुज़ के मक़सद से हैं। उस वक़्त के चीफ़ मिनिस्टर कर्नाटक बी एस यदि यूरप्पा ने कहा था कि राम सेना का बी जे पी या संघ‌ परिवार से कोई ताल्लुक़ नहीं है। बी जे पी से मुतलक़ के ताल्लुक़ात नफ़रत । मुहब्बत के ताल्लुक़ात थे।

उन्होंने बी जे पी पर इल्ज़ाम आइद किया था कि वो मालिया वसूल करने के लिए मोदी के नाम का इस्तेसाल कररही है। वो आर एस इसमें 1975 और शिवसेना में 2005 में शामिल हुए थे लेकिन 2006 में इस से तर्क-ए-ताल्लुक़ करलिया था। पहली बार उन्होंने सरकारी तौर पर अपनी पार्टी राम सेना क़ायम की थी।

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