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बरहपुरा में छपता है नकली स्टांप पेपर

बरहपुरा में स्टांप पेपर छपता है, यह इत्तिला पुलिस को काफी पहले से है। 12 मई 2014 को भी मौजूदा एएसपी हर किशोर राय की कियादत में पुलिस की टीम ने बरहपुरा इलाके में छापेमारी की थी। इस दौरान छापाखाना तो नहीं पकड़ा गया था, लेकिन अलग-अलग मुकामत

बरहपुरा में स्टांप पेपर छपता है, यह इत्तिला पुलिस को काफी पहले से है। 12 मई 2014 को भी मौजूदा एएसपी हर किशोर राय की कियादत में पुलिस की टीम ने बरहपुरा इलाके में छापेमारी की थी। इस दौरान छापाखाना तो नहीं पकड़ा गया था, लेकिन अलग-अलग मुकामत से तैयार स्टांप पेपर बरामद हुआ था।

पुलिस को इत्तिला मिली है कि बरहपुरा इलाके में जाली स्टांप छापने का प्रिंटिंग प्रेस है, लेकिन पुलिस अब तक असली छापाखाना नहीं मिला है। छोटे-मोटे सतह पर इलाके में कई जालसाज इस कारोबार में मौलूस हैं, जो स्कैनर मशीन के जरिये नकली स्टांप पेपर तैयार करते हैं। इसमें ज्यादातर नौजवान हैं। यहां से भागलपुर समेत पूरे बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल में जाली स्टांप की सप्लाय होती है। इस गोरखधंधे में कौन-कौन लोग शामिल हैं, अभी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर रही है।

नसीम हवलदार है मास्टर माइंड : बताया जाता है कि बरहपुरा उत्तर टोला का रहने वाला नसीम हवलदार इस गोरखधंधे का मास्टर माइंड है। कुछ साल पहले पुलिस ने उसे इलाहाबाद में जाली स्टांप के साथ गिरफ्तार किया था। वह भागलपुर से जाली स्टांप लेकर इलाहाबाद पहुंचा था। पुलिस को इत्तिला थी कि नसीम का गिरोह फिर से सरगर्म हो गया है और जाली स्टांप का कारोबार कर रहा है।
जाली स्टांप के चलन से हुकूमत को रोजाना लाखों की चपत लग रही है। अफसर से लेकर आम लोग भी असली और नकली स्टांप में फर्क नहीं कर पाते हैं। जमीन रजिस्ट्री से लेकर कई सरकारी और गैर सरकारी कामों में नन जुडिशियल की जरूरत पड़ती है।

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