Saturday , January 20 2018

बरेली में शहीद नौजवान के अरकान ख़ानदान को दो लाख रुपये का मुआवज़ा

बरेली में शहीद नौजवान के अरकान ख़ानदान को दो लाख रुपये का मुआवज़ाफ़सादज़दा शहर बरेली में आज ज़िला इंतिज़ामीया ने हालात में बतदरीज बेहतरी आने के बाद तक़रीबन 80 घंटे के बाद तीन थाना हलक़ों बारहदरी कोतवाली वग़ैरा में सुबह 10 बजे से 12 बजे दिन

बरेली में शहीद नौजवान के अरकान ख़ानदान को दो लाख रुपये का मुआवज़ाफ़सादज़दा शहर बरेली में आज ज़िला इंतिज़ामीया ने हालात में बतदरीज बेहतरी आने के बाद तक़रीबन 80 घंटे के बाद तीन थाना हलक़ों बारहदरी कोतवाली वग़ैरा में सुबह 10 बजे से 12 बजे दिन तक दो घंटे की कर्फ़यू में ढील दी। कर्फ्यू की ढील के दौरान बाज़ारों में अवाम ख़रीदारी के लिए टूट पड़ी ख़रीदारों में ज़्यादा तर मुस्लिम रोज़ेदारों की थी जो जलदी जलदी रोज़ा इफ़तार और सहरी का सामान ख़रीद रहे थे ।

कर्फ़यू की ढील के दौरान कोई नाख़ुशगवार वाक़िया पेश नहीं आया । ज़िला हुक्काम के बमूजब ( मुताबिक) अगर यही रुजहान रहा तो कर्फ़यू में आज शाम या कल सुबह छूट दी जा सकती है । हालाँकि शरपसंद अनासिर ( फसाद कने वालो) ने कल ही सिटी रेलवे स्टेशन की मस्जिद को नज़र-ए-आतिश ( जला देने) करने की कोशिश की लेकिन वो रंगे हाथों पकड़े गए शरपसंदों ने कल भी शाम को साई गोदाम रोड के एक नौजवान तालिब-ए-इल्म ( छात्र) फ़रहान को बुरी तरह से पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया था ।

इस वाक़िया के बाद से माल गोदाम के इलाक़ा में मुस्लमानों ने जाम लगा दिया था बाद में ज़िला इंतिज़ामीया ने मक़्तूल रिहान के कुन्बे को भी मुआवज़ा की शक्ल में दो लाख रुपये चेक देने का ऐलान किया । फ़रहान की लाश कल ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गई थी अब तक कई शरपसंदों को गिरफ़्तार किया है ।

इलाक़ा के मुस्लमानों ने अगरचे शिकायत की है कि ये गिरफ्तारियां ज़्यादा तर अक़ल्लीयती ( अल्पसंख्यक) फ़िर्क़ा की हुई हैं । रोज़नामा बरेली तर्जुमान के एडीटर नफ़ीस साहिब ने इल्ज़ाम लगाया है कि ज़िला हुक्काम उन का अख़बार छपने नहीं दे रहा है । उन्होंने इल्ज़ाम लगाया है कि बरेली में इतना बड़ा वाक़िया हो गया लेकिन कोई सयासी जमात का लीडर बरेली के तबाह मुस्लमानों को देखने के लिए नहीं आया ।

एडीशनल जनरल पुलिस जगमोहन यादव की मौजूदगी में शरपसंदों ने हाल में एक मज़हबी मुक़ाम ( जगह) को नुक़्सान पहुंचाया और मॉडल टाउन में एक गन्ने की फ़ैक्ट्री को नज़र-ए-आतिश कर दिया फ़िलवक़्त बरेली में हैजानअंगेज़ (गड़बड़ फैलाने वाले) ख़ामोश है ।
इलाक़ा के मुसलमानों की अक्सरीयत ( बहुसंख्यक) अखिलेश यादव हुकूमत से बेहद नाराज़ है ।

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