Tuesday , December 12 2017

बरोचर में सिर्फ़ मस्जिद-ओ-मुदर्रिसा का ज़िक्र

महिकमा आसारे-ए-क़दीमा ने चारमीनार के बरोचर में वाज़िह कहा है कि 1591 में तामीर करदा चारमीनार दो मंज़िला है जिस में पहली मंज़िल पर दिनी मुदर्रिसा-ओ-तलबा के इक़ामत ख़ाना हुआ करता था जबके दूसरी मंज़िल पर ख़ूबसूरत मस्जिद है और मुस्लियों के

महिकमा आसारे-ए-क़दीमा ने चारमीनार के बरोचर में वाज़िह कहा है कि 1591 में तामीर करदा चारमीनार दो मंज़िला है जिस में पहली मंज़िल पर दिनी मुदर्रिसा-ओ-तलबा के इक़ामत ख़ाना हुआ करता था जबके दूसरी मंज़िल पर ख़ूबसूरत मस्जिद है और मुस्लियों के लिए इस में वुज़ू ख़ाना भी है। इस बरोचर में भी मंदिर का कहीं ज़िक्र नहीं। चारमीनार के अंदरूनी हिस्से में महिकमा आसारे-ए-क़दीमा की एक क़दीम तख़्ती है जिस पर चारमीनार में मस्जिद मुदर्रिसा और वुज़ू ख़ाना का ज़िक्र कनुंदा है

TOPPOPULARRECENT