Thursday , December 14 2017

बर्क़ी बेक़ाइदगी में मुसलसिल इज़ाफ़ा

तमाम आबी ज़ख़ाइर लबरेज़ होने पर भी और बर्क़ी की पैदावार होने के बावजूद मौसिम-ए-गर्मा की आमद से पहले ही बर्क़ी महिकमा ओहदेदार बर्क़ी मस्दूद कर रहे हैं जिस से अवाम के साथ साथ सरकारी-ओ-ग़ैरसरकारी दफ़ातिर में काम ठप होकर रह गया है जबकि सरकारी

तमाम आबी ज़ख़ाइर लबरेज़ होने पर भी और बर्क़ी की पैदावार होने के बावजूद मौसिम-ए-गर्मा की आमद से पहले ही बर्क़ी महिकमा ओहदेदार बर्क़ी मस्दूद कर रहे हैं जिस से अवाम के साथ साथ सरकारी-ओ-ग़ैरसरकारी दफ़ातिर में काम ठप होकर रह गया है जबकि सरकारी तौर पर मुस्तक़र पर सुबह 8 बजे ता 11 बजे तक, दुबारा दोपहर एक बजे से 3 बजे तक बर्क़ी मसदोदी की जाती है तो 8 घंटे से भी ज़ाइद बर्क़ी कटौती की जा रही है जिस से अवाम-ओ-ताजिर हज़रात को सख़्त मुश्किलात का सामना है।

TOPPOPULARRECENT