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बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा ना करने का वाअदा नहीं किया गया

हैदराबाद 11 जनवरी :सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी बी सत्य नाराय‌ना ने अप्पोज़ीशन जमातों पर बर्क़ी शरहों में इज़ाफे के ताल्लुक़ से अवाम में गलतफहमियां पैदा करने का इल्ज़ाम आइद किया ।

हैदराबाद 11 जनवरी :सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी बी सत्य नाराय‌ना ने अप्पोज़ीशन जमातों पर बर्क़ी शरहों में इज़ाफे के ताल्लुक़ से अवाम में गलतफहमियां पैदा करने का इल्ज़ाम आइद किया ।

हुकूमत आम अफ़राद पर किसी किस्म का कोई बोझ आइद करने का इरादा नहीं रखती । बर्क़ी की तलब को पूरा करने के लिए दूसरी रियास्तों से बर्क़ी ख़रीदने की कोशिश की जा रही है ।

आज गांधी भवन में मुनाक़िदा प्रेस कांफ्रेंस से ख़िताब करते हुए ये बात बताई । इस मौके पर साबिक़ रियास्ती वज़ीर-ओ-सदर नशीन प्रदेश कांग्रेस मीडीया कमेटी मुहम्मद अली शब्बीर भी मौजूद थे ।

सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि हुकूमत ने बर्क़ी शरहों में इज़ाफे के ताल्लुक़ से हनूज़ कोई फ़ैसला नहीं किया है । हुकूमत के सामने सिर्फ़ एक तजवीज़ वसूल हुई । इस पर अभी काबीना में ग़ौर नहीं किया गया और ना ही बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा करने का कोई फ़ैसला किया गया ।

कांग्रेस हुकूमत ग़रीब अवाम पर माली बोझ आइद करने का कोई इरादा नहीं रखती और ना ही ज़रई शोबा को किसी तरह नुक़्सान पहूंचने देगी । कांग्रेस हुकूमत फ़लाही सकीमात पर 26 हज़ार करोड़ रुपये ख़र्च कररही है । आम अफ़राद को नुक़्सान पहूँचाने का हुकूमत कोई काम नहीं करेगी ।

उन्हों ने अप्पोज़ीशन जमातों की तरफ से हुकूमत के ख़िलाफ़ अवाम में ग़लतफ़हमी पैदा करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए कहा कि ये जमातें अप्पोज़ीशन का तामीरी रोल अदा करने में पूरी तरह नाकाम होगई हैं ।

हुकूमत को तामीरी तजावीज़ पेश करते हुए अवामी मसाइल की यकसूई में तआवुन करने के बजाय तन्क़ीद बराए तन्क़ीद करते हुए सिर्फ़ सयासी फ़ायदा उठाने की कोशिश कररहे हैं । बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए हुकूमत के ख़िलाफ़ झूटी मन घड़त तशहीर की जा रही है जिस में कोई सच्चाई नहीं है ।

सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि 2009 के आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने इंतिख़ाबी मंशूर में बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा ना करने का अवाम से कोई वाअदा नहीं किया हाँ अलबत्ता 2004 के चुनाव मंशूर में बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा ना करने का वाअदा किया गया था । उन्हों ने कहा कि तक़ाबुली जायज़ा लिया जाये तो जितनी बर्क़ी की तलब है उतनी रियासत में पैदावार नहीं है ।

उन्हों ने कहा कि रियासत में 63 लाख यूनिट बर्क़ी की क़िल्लत है । रियासत को बर्क़ी कटौती से महफ़ूज़ रखने के लिए हुकूमत दूसरी रियास्तों से बर्क़ी ख़रीदने केलिए कोशिश कररही है ।

उन्हों ने कहा कि डिस्कॉम के सामने कांग्रेस अपनी राय पेश करेगी । ग़ियास पर इन्हिसार रहने वाले प्लांटस से तवक़्क़ो के मुताबिक़ बर्क़ी पैदावार नहीं होरही है बर्क़ी के इस्तिमाल में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा होजाने का दावे किया ।

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