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बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़े से दस्तबरदारी का मुतालिबा

संगारेड्डी, 05 अप्रेल: रियासती हुकूमत बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़े से दस्तबरदारी इख़तियार ना करने की सूरत में ज़बरदस्त अवामी एहतिजाज मुनज़्ज़म किया जाएगा। इन ख़्यालात का इज़हार इंचार्ज हलक़ा असेम्बली पटन चेरु वाई एस आर कांग्रेस पार्टी जी मह

संगारेड्डी, 05 अप्रेल: रियासती हुकूमत बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़े से दस्तबरदारी इख़तियार ना करने की सूरत में ज़बरदस्त अवामी एहतिजाज मुनज़्ज़म किया जाएगा। इन ख़्यालात का इज़हार इंचार्ज हलक़ा असेम्बली पटन चेरु वाई एस आर कांग्रेस पार्टी जी महीपाल रेड्डी ने पटन चेरू मंडल के मौज़ा अस्ना पुर बर्क़ी सब स्टेशन के रूबरू एहितजाजी धरना से ख़िताब करते हुए किया। इस से पहले बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़े पर प‌टन चेरू के मौज़ा अस्ना पुर चौराहा से बर्क़ी सब स्टेशन तक एक एहितजाजी रियाली मुनज़्ज़म की गई।

इस मौक़े पर जी मही पाल रेड्डी ने कहा कि साल 2009 के आम इंतिख़ाबात में साबिक़ वज़ीरे आला वाई एस आर ने ग़रीब अवाम पर माली बोझ आइद ना करने के मक़सद से ही मुफ़्त बर्क़ी सरबराही का वादा किया था। लेकिन रियासती वज़ीरे आला बर्क़ी शरहों में मुसलसिल इज़ाफ़ा करते हुए अवाम पर इज़ाफ़ी माली बोझ आइद कर रहे हैं। एक तरफ़ अवाम अश्या ए ज़रुरिया की क़ीमतों में बेतहाशा इज़ाफ़े से परेशान हैं तो दूसरी जानिब बर्क़ी कटौती और बर्क़ी की शरहों में इज़ाफ़ा करते हुए उन पर ज़ाइद माली बोझ आइद करते हुए इन्हें बेहाल कर दिया गया है।

ख़ुद उन की पार्टी के बाज़ क़ाइदीन भी बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़े के ख़िलाफ़ हैं,लेकिन वज़ीरे आला इस ख़ुसूस में कुछ भी इक़दामात नहीं कर रहे हैं। आँजहानी वाई एस आर की अचानक मौत के बाद रियासती हुकूमत अवाम के मुफ़ाद के बजाय उन पर इज़ाफ़ी क़ीमतों का बोझ आइद कर रही है। उन्होंने कहा कि अश्या‍ ए‍ ज़रुरिया की क़ीमतों मी ज़बरदस्त इज़ाफ़े से अवाम आजिज़ आचुकी है।

जी मही पाल रेड्डी ने रियासती हुकूमत से मुतालिबा किया कि वो फ़ौरी इज़ाफ़ा शूदा बर्क़ी शरहों से दस्तबरदार होजाए वर्ना ज़बरदस्त अवामी एहतिजाज मुनज़्ज़म किया जाएगा। मिर्ज़ा वहीद बेग मक़बूल ने कहा कि फ़लाही इसकीमात पर अमल आवरी के बजाय अवाम पर हुकूमत की जानिब से इज़ाफ़ी माली बोझ आइद करने ही को पसंदीदा मशग़ला बनालिया जा रहा है। हुकूमत ने बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़े का जो फ़ैसला किया है वो इंतिहाई बद बख्ताना फ़ैसला है।

बर्क़ी कटौती, बर्क़ी शरहों में मुसलसिल इज़ाफ़ा और हुकूमत की नाएहली के बाइस रियासत बर्क़ी बोहरान का शिकार है। उन्होंने बर्क़ी शरहों के फ़ैसले को फ़ौरी वापिस लेने का मुतालिबा किया। इस मौक़े पर रामचंद्रा रेड्डी, नरेंद्र रेड्डी, कुमार, बासी रेड्डी, चंद्रशेखर रेड्डी, तुलसी रेड्डी, अनजया यादव, मुहम्मद हमीद, मुहम्मद उबैद, सुधाकर गौड़, कृष्णा यादव-ओ-दीगर मौजूद थे।

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