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बलोचिस्तान में मज़ालिम रोकना ज़रूरी: अस्मा जहांगीर

मुमताज़ पाकिस्तानी इंसानी हुक़ूक़ जहद कार अस्मा जहांगीर चाहती हैं कि पाकिस्तान अपनी तवानाई मुजतमा करते हुए वक़्त मुक़र्ररा का कोई मेकानिज़्म बनाए ताकि बलोचिस्तान में इज़तिराब का माहौल ख़तम किया जा सके, और साथ ही इन्होंने इस गड़बड़ ज़दा स

मुमताज़ पाकिस्तानी इंसानी हुक़ूक़ जहद कार अस्मा जहांगीर चाहती हैं कि पाकिस्तान अपनी तवानाई मुजतमा करते हुए वक़्त मुक़र्ररा का कोई मेकानिज़्म बनाए ताकि बलोचिस्तान में इज़तिराब का माहौल ख़तम किया जा सके, और साथ ही इन्होंने इस गड़बड़ ज़दा सूबा में रोंगटे खड़े कर देने वाले मज़ालिम को रोकने की अपील भी की है।

अस्मा जहांगीर ने जो सुप्रीम कोर्ट बार एसोसीएसन के ज़ेर‍ ए‍ एहतेमाम एक समीनार में शरीक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसीएसन आफ़ पाकिस्तान के वफ़द के हमराह हिंदूस्तान में हैं, कहा कि इन का मुल्क निहायत मुश्किल दौर से गुज़र रहा है जिसे यहां सही अंदाज़ में नहीं समझा गया है।

मेरे ख़्याल में हकूमत-ए-पाकिस्तान को अपनी कोशिशों को मुत्तहिद करना चाहीए। सबसे पहले मज़ालिम रोके जाएं जो निहायत दर्दनाक हैं और रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं अस्मा ने पी टी आई को इशाईया के मौक़ा पर ये बात बताई, जिस की यहां मेज़बानी साउथ एशिया फ़्री मीडीया एसोसीएसन (साफ़मा) और साउथ एशीयन वोमेन इन मीडीया ने की। इन्होंने कहा कि पाकिस्तान हुकूमत को वक़्त मुक़र्ररा में सयासी मुज़ाकरात करने होंगे।

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