Tuesday , December 12 2017

बहरसूरत क़ानून की हुक्मरानी बरक़रार रहनी चाहिए, चीफ़ जस्टिस पाकिस्तान

चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार मुहम्मद चौधरी ने कहा है कि जिस तरह हमारी वुकला तहरीक ने आयन-ओ-क़ानून की हुक्मरानी का तहफ़्फ़ुज़ किया बैन-उल-अक़वामी बिरादरी को ऐसी ही तहरीक की ज़रूरत है ।

चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार मुहम्मद चौधरी ने कहा है कि जिस तरह हमारी वुकला तहरीक ने आयन-ओ-क़ानून की हुक्मरानी का तहफ़्फ़ुज़ किया बैन-उल-अक़वामी बिरादरी को ऐसी ही तहरीक की ज़रूरत है ।

ईस्लामाबाद मैं इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी ,बैन-उल-अक़वामी क़ानून और इजरा से मुताल्लिक़ किताब की रूनुमाई के मौक़ा पर ख़िताब करते हुए चीफ़ जस्टिस अफ़तख़ा रमहमद चौधरी का कहना था कि पाकिस्तान कई बरस से दहश्तगर्दी का शिकार रहा है , इन का कहना था कि हालात कुछ भी हूँ क़ानून की अमलदारी क़ायम रहनी चाहीए, चीफ़ जस्टिस ने कहा कि जराइम के ख़ातमे केलिए मुताल्लिक़ा हलक़ों के दरमयान बार हिमी राबिता बहुत ज़रूरी है। इन का कहना था कि क़ानून की अमलदाए का मक़सद सिर्फ सज़ा दिलाना नहीं है

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