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बहरीया और कोस्ट गार्ड्स के लिए ख़ुसूसी सर्टीफ़िकेट कोर्स

अहमदाबाद, १३ नवंबर (पीटीआई) हिंदूस्तानी बहरीया ( जल सेना) और कोस्ट गार्ड आफ़िसरान अब समुंद्री और मैरीन टाइम क़वानीन को बेहतर तौर पर समझने के लिए गुजरात की नेशनल ला यूनीवर्सिटी में तर्बीयत हासिल करेंगे ताकि वो ख़ुद को बदलते हुए बैन-उल

अहमदाबाद, १३ नवंबर (पीटीआई) हिंदूस्तानी बहरीया ( जल सेना) और कोस्ट गार्ड आफ़िसरान अब समुंद्री और मैरीन टाइम क़वानीन को बेहतर तौर पर समझने के लिए गुजरात की नेशनल ला यूनीवर्सिटी में तर्बीयत हासिल करेंगे ताकि वो ख़ुद को बदलते हुए बैन-उल-अक़वामी मंज़र नामा से हम आहंग कर सकें।

अपनी नौईयत के पहले महीने के सर्टीफिकेट कोर्स का आग़ाज़ 3 मार्च 2013 से होगा जिस के ज़रीया समुंद्री चैलेंज्स को समझने में आसानी पैदा होगी। समुंद्री क़ानून अगर बेहतर तौर पर समझ में आ जाए तो आफ़िसरान अपनी ज़िम्मेदारी बख़ूबी निभाते हुए बैन-उल-अक़वामी तक़ाज़ों को तकमील भी कर सकेंगे।

डायरेक्टर बिमल पटेल ने ये बात बताई। उन्होंने कहा कि बहरीया और कोस्ट गार्ड्स के लिए अपनी नौईयत का ये पहला कोर्स होगा। उन्हों ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि जज एडवोकेट जनरल (JAG) आर्मी और JAG एयरफ़ोर्स को मदऊ (आमंत्रित) करेंगे ताकि वो अपने कुछ आफ़िसरान को नामज़द कर सकें जो इस कोर्स के हुसूल के बाद महकमा दिफ़ा और बहरीया को बेहतर तौर पर मुसल्लह कर सकेंगे क्योंकि कोर्स के दौरान उन्हें ऐसे कई नकात मालूम होंगे जिन से अब तक वो नावाक़िफ़ थे और इस तरह कोर्स में उन की शिरकत महकमा दिफ़ा के लिए सूदमंद साबित होगी।

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