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बहरैन में अपोज़ीशन बाईकॉट के बावजूद रायदही

बहरैन में अवाम ने 2011 की तहरीक के बाद से पहली मर्तबा मुक़न्निना इंतिख़ाबात में रायदही का आग़ाज़ किया हालाँकि यहां शीआ अपोज़ीशन की जानिब से इंतिख़ाबात का बाईकॉट किया जा रहा है। कहा गया है कि 40 नायबीन का इंतिख़ाब करने के लिए 350,000 अफ़राद से रा

बहरैन में अवाम ने 2011 की तहरीक के बाद से पहली मर्तबा मुक़न्निना इंतिख़ाबात में रायदही का आग़ाज़ किया हालाँकि यहां शीआ अपोज़ीशन की जानिब से इंतिख़ाबात का बाईकॉट किया जा रहा है। कहा गया है कि 40 नायबीन का इंतिख़ाब करने के लिए 350,000 अफ़राद से राय ली जा रही है।

उम्मीदवारों में जुमला 266 सुन्नी हैं। बहरैन में सुन्नी हुक्मरानों और शीआ अपोज़ीशन के माबैन किसी तरह के इत्तिफ़ाक़ की उम्मीदों के बगैर ये इंतिख़ाबात करवाए जा रहे हैं।

अपोज़ीशन के असल ग्रुप अलोकाफ़ ने इस इंतिख़ाबी अमल को महज़ दिखावा क़रार देते हुए मुस्तरद कर दिया है और ख़बरदार किया है कि ममलकत के हुक्मरान अगर इक़्तेदार पर अपनी गिरिफ़्त ढीली नहीं करेंगे तो मुल्क में तशद्दुद में इज़ाफ़ा हो सकता है।

साल 2011 के अवाइल में अपोज़ीशन की जानिब से शुरू की गई इन्क़िलाबी तहरीक एक महीने तक चली थी जिस के बाद वहां हुक्काम के रवैय्या में तबदीली भी महसूस की गई।

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