Wednesday , December 13 2017

बहरैन में बम धमाके , 2 अफ़राद हलाक

दुबई, ०६ नवंबर ( पीटीआई ) बहरैन के दार-उल-हकूमत ( राजधानी) मनामा के कई इलाक़े आज 5 ताक़तवर धमाकों से दहल गए जिस के नतीजे में एक हिंदूस्तानी के बिशमोल दो एशियाई बाशिंदे हलाक और तीसरा शदीद ज़ख़मी हो गया , उसकी हालत तशवीशनाक बताई गई है ।

दुबई, ०६ नवंबर ( पीटीआई ) बहरैन के दार-उल-हकूमत ( राजधानी) मनामा के कई इलाक़े आज 5 ताक़तवर धमाकों से दहल गए जिस के नतीजे में एक हिंदूस्तानी के बिशमोल दो एशियाई बाशिंदे हलाक और तीसरा शदीद ज़ख़मी हो गया , उसकी हालत तशवीशनाक बताई गई है ।

इन धमाकों के बाद सयासी-ओ-नसली बेचैनी से बुरी तरह मुतास्सिर ये छोटा सा ख़लीजी मुल्क एक संगीन बोहरान ( मूसीबत/ संकट) का शिकार हो गया है । पुलिस ने इन धमाकों को दहशत गिरदाना कार्रवाई क़रार देते हुए कहा कि दो अफ़राद हलाक और तीसरा ज़ख्मी हो गया है जिस की हालत तशवीशनाक है ये तीनों एशियाई तारकीन वतन है ।

बहरैन में हिंदूस्तानी सफ़ीर मोहन कुमार ने पीटीआई से बात चीत करते हुए तौसीक़ (पुष्टी) की कि महलोकेन (मरने वालो) में एक हिंदूस्तानी है जिस की शनाख़्त मृगया की हैसियत से की गई है वो उस वक़्त हलाक हो गया जब हादिसाती तौर पर धमाका ख़ेज़ माद्दा पर क़दम रख दिया ।

मोहन कुमार ने मज़ीद कहा कि बहरैन के 5 मुख़्तलिफ़(अलग अलग)मुक़ामात पर आज सुबह देसी साख्ता लेकिन असरी टेक्नोलाजी से तैयार शूदा धमाको मवाद ( सामग्री/ Material) के इस्तेमाल के साथ 5 धमाके किए गए । इन वाक़ियात में एक हिंदूस्तानी शहरी मृगया भी हलाक हुआ है ।

उन्होंने कहा कि हिंदूस्तानी सिफ़ारती ओहदेदार इस वाक़िया से मुताल्लिक़ मज़ीद तफ़सीलात का इंतेज़ार कर रहे हैं। क़बल अज़ीं ( इससे पहले) बहरैन के एक सरकरदा पुलिस ओहदेदार के हवाले से गल्फ़ न्यूज़ ने ख़बर दी कि एक एशियाई बाशिंदा उस वक़्त बरसर मौक़ा हलाक हो गया जब इस ने सड़क पर पड़े एक बम को लात मार दी जिस के असर से ये बम फट पड़ा था ।

लेकिन हिंदूस्तानी सफ़ीर के मुताबिक़ मृगया और इसका भाई सड़क के किनारे से गुज़र रहे थे कि ग़लती से धमाको अशिया पर इन का पा‍वँ पड़ गया जिसके नतीजा में धमाका हुआ और मृगया बरसर मौक़ा हलाक हो गया । बहरैन में बरसर ख़िदमत तारकीन वतन में हिंदूस्तानियों की तादाद सबसे ज़्यादा है ।,17,000 तारकीन वतन में 2,90,000 का ताल्लुक़ हिंदूस्तान से है ।

फ़रवरी 2011 में एहतिजाज के आग़ाज़ के बाद बहरैन सयासी-ओ-नसली बेचैनी का शिकार हो गया है । शीआ अक्सरियत अज़ीम तर जम्हूरियत और वसीअ तर नुमाइंदगी का मुतालिबा ( मांग) कर रही है ।

******एहतिजाज और पुलिस कार्रवाई में अब तक 60 हलाक **********

इस ममलकत में एहतिजाज के आग़ाज़ के बाद से अब तक 60 अफ़राद हलाक हो चुके हैं जिन में कई पुलिस आफ़िसरान भी शामिल हैं। ताहम ( यद्वपि) मुज़ाहिरों के आग़ाज़ के बाद से अपोज़ीशन कारकुनों ने बड़े पैमाने पर इस्तिबदाद ( ज़ुल्म /अत्याचार) का इल्ज़ाम आइद किया है ।

गुज़श्ता हफ़्ता वज़ारत-ए-दाख़िला ने इस ममलकत में हर किस्म की एहतिजाजी रैलियों , जलसा जलूसों पर इमतिना ( रोक) आइद किया था जिस के बाद अवाम की नाराज़गी में मज़ीद इज़ाफ़ा हो गया है। दार-उल-हकूमत मनामा आज सुबह खुदे बया रिहायशी-ओ-तिजारती इलाक़ा के इलावा पाश इलाक़ा अदलिया में सिलसिला वार धमाकों के सबब दहल गया।

खुदे बया में अव्वल सिनेमा के करीब हुए एक धमाका में हलाक होने वाला दूसरा शख़्स भी एशियाई बताया गया है जो पुलिस के मुताबिक़ हॉस्पिटल में ईलाज के दौरान फ़ौत हो गया । पुलिस ओहदेदार ने कहा है कि तीसरा शख़्स जो सड़कों पर सफ़ाई का काम करता है वो भी एशियाई है जो अदलिया में हुए देसी साख्ता बम धमाके में शदीद ज़ख़मी हो गया है ।

दीगर दो ज़ख़्मियों की शहरियत का फ़ौरी तौर पर इल्म नहीं हो सका है लेकिन बहरैन में एशियाई तारकीन ए वतन की अक्सरियत है जिन में हिंदूस्तानियों के इलावा पाकिस्तान और बंगलादेश के शहरी शामिल हैं। एक आला पुलिस ओहदेदार ने कहा कि सरकारी इस्तिग़ासा (दावा) को दहशतगर्दी के इन वाक़ियात से बाख़बर कर दिया गया था और मुजर्मीन की तलाश शुरू कर दी गई है ।

तमाम शहरियों और तारकीन ए वतन से कहा गया है कि वो अपने तहफ़्फ़ुज़-ओ-सलामती के लिए किसी भी मुश्तबा शए से दूर रहें और कोई इसी शए दस्तयाब होने पर मुलिस को मतला ( सूचित) किया जाए । गुज़श्ता माह बहरैन के एक गावँ में ऐसे ही एक बम धमाका में एक सिक्योरिटी ओहदेदार हलाक हो गया था ।

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