Wednesday , November 22 2017
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बहुत दिनों से खुसुसि पैकेज का इंतजार : नीतीश कुमार

पटना : वजीरे आजम नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से एक दिन पहले पीर को वजीरे आला नीतीश कुमार ने एक बार फिर से बिहार को खुसुसि रियासत का दर्जा देने की मांग की है। 1, अणे मार्ग वाकेय सीएम रिहाइशगाह पर मुनक्कीद अवामी दरबार में वजीरे आला प्रोग्राम के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि वजीरे आजम फिर आ रहे हैं। हमलोग खुसुसि पैकेज का इंतजार बहुत दिनों से कर रहे हैं। लोकसभा इंतिख़ाब के वक़्त भी उन्होंने वादा किया था़ कि बिहार को खुसुसि रियासत का दर्जा देंगे, खुसुसि मदद, खुसुसि अटेंशन देंगे, लेकिन अभी तक कुछ नहीं दिया है। सब कुछ सिर्फ बोली में है, एक्शन में कुछ नहीं है। लोकसभा में तो मरकज़ के एक वज़ीर ने यह भी कह दिया कि बिहार को खुसुसि रियासत का दर्जा नहीं मिलेगा। अब देखना है यह कि वजीरे आजम क्या एलान करते है।

खुसुसि पैकेज की बात भाजपा लीडरों की तरफ से कही जा रही है। कहा जा रहा है कि वजीरे आजम एलान करेंगे। सीएम ने कहा, भाजपा की तरफ से कॉरपोरेट फेडरेशन का जबरदस्त खिलाफवर्जी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी और बिहार के लोगों की मांग है कि छिटपुट पैकेज देने से बिहार का फ्लाह नहीं होगा। देना है तो खुसुसि रियासत का दर्जा दें। जब खुसुसि रियासत का दर्जा नहीं देना होता है, तो बहुत बहाने बनाये जाते हैं। हमलोग खुसुसि रियासत का दर्जा की मांग करते हैं और वह खुसुसि मदद देने की बात करते हैं। बिहार को खुसुसि रियासत का दर्जा दिलाने का फैसला सभी के मत से हो चुका है। इसके लिए दस्तखत मुहिम चलाया गया। 1.18 करोड़ लोगों ने दस्तखत किये। उसे वजीरे आजम को सौंपा गया। बिहार के साथ-साथ दिल्ली के रामलीला मैदान में अधिकार रैली की गयी। खुसुसि रियासत का दर्जा बिहार के लोगों की मांग है। हमें भी आगे बढ़ने का हक़ है। राइट टू डेवलपमेंट बैन अल अकवामी सतह पर भी मंजूर है। नेपाल की नदियां बिहार में तबाही मचाती हैं। बिहार लैंडलॉक है। बिहार को खुसुसि रियासत का दर्जा मिलना चाहिए। यह मिलेगा तो बिहार में सरमाया करी हो सकेगा। जब तक मरकज़ टैक्स में छूट और टैक्स में आज़ादी नहीं मिलेगी, तब तक ज्यादा सरमायाकारी नहीं होगा। खुसुसि दर्जा मिलने से कल-कारखाने खुलेंगे और रोजगार पैदा होगा। तरक़्क़ी तो कर रहे हैं, लेकिन यह क़ौमी औसत से काफी नीचे है। नयी पीढ़ी इंतजार नहीं कर सकती है। उन्हें मौके से महरूम होना पड़ रहा है। तरक़्क़ी का मतलब होता है कि हर रियासत का तरक़्क़ी हो। कुछ रियासतों का तरक़्क़ी हुआ है। 14वें फाइनेंस कमीशन के तहत भी बिहार को घाटा हुआ है। इसके लिए अदाद व शुमार के जरिये बता दिया गया है।

 

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