Saturday , December 16 2017

बहू को लात मारना 498ए के तहत जुर्म: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बहू को लात मारना ताजीरात ए हिंद की दफा 498ए के तहत बेरहमी का जुर्म है और ऐसे हालात में ससुराल वालों पर मुकदमा चलाया जाएगा |

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बहू को लात मारना ताजीरात ए हिंद की दफा 498ए के तहत बेरहमी का जुर्म है और ऐसे हालात में ससुराल वालों पर मुकदमा चलाया जाएगा |

मुल्क की सबसे बड़ी अदालत का यह फैसला खासा अहम है क्योंकि पहले इस मुद्दे पर आए एक फैसले को लेकर झगड़ा खड़ा गया हो गया था उस फैसले में ताजा सुनवाई के ताल्लुक में अपने ही फैसले को अदालत ने पलट दिया था |

कौमी ख्वातीन कमीशन की दायर की हुई तरमीम की दरखास्त पर सुप्रीम कोर्ट ने उस मामले में ताजा सुनवाई के फैसले को बहाल कर दिया, जिसमें 2009 में एक निजी अदालत की ओर से मुल्ज़िम सास-ससुर को एहतेराम करने के हुक्म को पलटा गया था | सास पर अपनी बहू को लात मारने का इल्ज़ाम था |

मामले की फिर से सुनवाई करने के बाद चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की सदारत वाली बेंच ने बेरहमी के लिए सुनवाई को हरी झंडी दे दी | पहले इसे खारिज किया था |

पिछले साल 14 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर अपने ही एक पुराने हुक्म को पलट दिया था और ताजा सुनवाई का फैसला किया था. यह मुद्दा इस बात को लेकर था कि बहू को लात मारना 498ए के तहत बेहरमी के तहत जुर्म है |

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