Friday , December 15 2017

बांग्लादेश : जंग ए आज़ादी के मुजरिम जाहिद को मौत की सजा

इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने जुमेरात के रोज़ बांग्लादेश के जंग ए आज़ादी के दौरान जराइम को अंजाम देने वाले जाहिद हुसैन उर्फ खोकोन रजाकर को उसकी गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सजा सुनाई।

इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने जुमेरात के रोज़ बांग्लादेश के जंग ए आज़ादी के दौरान जराइम को अंजाम देने वाले जाहिद हुसैन उर्फ खोकोन रजाकर को उसकी गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सजा सुनाई।

बीडीन्यूज24 डॉट कॉम के मुताबिक जस्टिस एम एनाएचर रहीम की सदारत वाली आईसीटी-1 ने जाहिद को उस पर लगे 11 में से 10 इल्ज़ामात का मुजरिम पाया। उसे छह मामलों में सज़ा ए मौत और बाकी चार मामलों में अलग-अलग सजा सुनाई गई है। वह कत्ल, क़त्ल ए आम , आगजनी, रेप , लूटपाट और जबरन मज़हब की तब्दीली कराने समे दिगर जराइम को अंजाम देने का मुजरिम है।

जाहिद ने साल 1970 के इलेक्शन में जमात-ए-इस्लामी (जेआई) की तश्हीर किया था और बाद में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) में शामिल हो गया। वह साल 2011 में नगरकुंडा म्युनसिपल (Municipal) से मेयर चुने गये थे।

जाहिद जब से मामले की जांच शुरू हुई है, तभी से फरार है। ट्रिब्यूनल ने पिछले साल 18 जुलाई को उसके खिलाफ गिरफ्तार का वारंट जारी किया था। अदालत ने बाद में नौ अक्टूबर को उसकी गैर हाज़िरी में उस पर इल्ज़ाम तय किए और उसकी ओर से मामले को आगे बढाने के लिए वकील अब्दुस शुकूर खान को तय किया। आईसीटी-1 ने 17 अप्रैल को मामले की सुनवाई पूरी कर ली।

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