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बांग्लादेश : 9 बिहारी मुसलमानों का कत्ल

बांग्लादेश में ओहदेदारो के मुताबिक दारुल हुकूमत ढाका में एक पनाहगजीन कैंपो में रह रहे बिहारी मुसलमानों और मुकामी लोगों के बीच हफ्त्ते के रोज़ हुए तशद्दुद में नौ लोग मारे गए हैं। ओहदेदारों के मुताबिक मारे जाने वालों में ख्वातीन औ

बांग्लादेश में ओहदेदारो के मुताबिक दारुल हुकूमत ढाका में एक पनाहगजीन कैंपो में रह रहे बिहारी मुसलमानों और मुकामी लोगों के बीच हफ्त्ते के रोज़ हुए तशद्दुद में नौ लोग मारे गए हैं। ओहदेदारों के मुताबिक मारे जाने वालों में ख्वातीन और बच्चे भी शामिल हैं और वे सभी बिहार के रहने वाले मुसलमान हैं।

1971 में पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश के नाम से एक आज़ाद मुल्क की तश्कील के बाद वहां रह रहे हिंदुस्तानी नस्ल के उर्दू ज़ुबान बोलने वाले मुसलमानों को बिहारी मुसलमान कहा जाता है। ये लोग 1947 में हिंदुस्तान की तक्सीम के बाद से वहां रह रहे हैं जब ये पाकिस्तान का हिस्सा था और इसे मशरिकी पाकिस्तान कहा जाता था।

मुकामी लोग इन बिहारी मुसलमानों पर 1971 में हुए जंग ए आज़ादी के दौरान पाकिस्तान के हामी होने का इल्ज़ाम लगाते हैं।

जुमे के रोज़ शब-ए-बारात के दौरान पटाखा फोडने को लेकर मुकामी लोगों और बिहारी मुसलमानों के बीच झग़डा शुरू हुआ जिसने तशद्दुद का शक्ल ले लिया और नौ लोग मारे गए। खबर एजेंसी एएफपी के मुताबिक मीरपुर के पुलिस कमिश्नर कमाल हुसैन ने बताया कि इस इलाके में कई दिनों से तनाव था, लेकिन हफ्ते की सुबह झडपें होने लगीं। मुकामी लोगों का इल्ज़ाम है कि बंगाली मुसलमानों ने उनके घरों को जला दिया।

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