Tuesday , November 21 2017
Home / India / बाप ने देखी अपनी ही बेटी की पॉर्न फिल्‍म

बाप ने देखी अपनी ही बेटी की पॉर्न फिल्‍म

एक दौर था जब शुमाली हिंद के इस गांव में आला ज़ात के मर्द जवान लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाते थे. इस गांव में लड़कियों से मुसलसल रेप होता रहा क्योंकि मर्दों को कोई खतरा नहीं था. लड़कियों की जिंदगी तबाह होती रही, लेकिन मर्दों पर इसका कोई खराब असर नहीं पड़ा.

लेकिन अब इस इलाके में बदलाव दिख रहा है. इस मामले में एक लड़की में थोड़ी हिम्मत देखने को मिला है. यह कहानी है दलित ज़ात में पैदा हुई ‘बिटिया’ (बदला हुआ नाम) की.

हिंदुस्तान के कानून के मुताबिक रेप की मुतास्सिराके नाम का खुलासा नहीं किया जा सकता इसलिए इस लड़की का गैर हकीकी) नाम बिटिया रखा गया है.

यह कहानी है एक लड़की की हिम्मत की, जिसने मुकामी लोगों को लड़कियों की हिफाज़त के लिए हौसला किया है. मैं एक साला विन-ए-ट्रिप जर्नी पर हूं. इसमें मैं यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को तरक्की पज़ी ममालिक के दौरे पर ले जाता हूं. फातेह स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी की ऑस्टिन मेयर और मैंने बिटिया को जिंसी इस्तेहसाल के ताल्लुक में दुनिया के लिए एक सीख के शक्लमें देखा.

बिटिया ने बताया कि षाल 2012 में उसकी उम्र 13 साल थी. उस साल ऊंचे ज़ात के लोग उसे पकड़ कर खेत में ले गए. वहां उसके कपड़े उतारकर उसके साथ रेप किया और इसका विडियो भी बना लिया. उन्होंने बिटिया से कहा कि अगर उसने किसी के सामने मुंह खोला तो विडियो दुनिया के सामने ला दिया जाएगा और उसके भाई का क़त्ल कर देंगे. अपने साथ हुई दरिंदगी को खामोश बिटया ने झेल लिया.

मगर, इस वाकिया के छह हफ्ते बाद बिटिया के वालिद के सामने वह वीडियो आ गया. दरअसल, रेप करने वाले शख्स ने 60 रुपए में वीडियो को मुकामी दुकान में बेच दिया था. उसे 15 साल का एक बच्चा देख रहा है. वीडियो में अपनी बेटी को देखकर वह दहल गए. विडियो में बिटिया रो रही थी, इसलिए उसका खानदान यह मान गया कि वह बेगुनाह है.

उसके वालिद पुलिस में रिपोर्ट कराने गए. मगर, दरिंदो पर कार्रवाई करने में पुलिस ने दिलचस्पी नहीं दिखाई. हालांकि, गांव के बुजुर्गों ने उल्‍टा बिटिया के स्कूल जाने पर रोक लगा दी गई. कहा गया कि बिटिया गलत तरह की लड़की है. इससे दूसरी लड़कियां मुतास्सिर होंगी.

हालांकि, बाद में लोगों के दबाव के सबब उसे स्कूल में वापस लाया गया. मगर, गांव के रसूखदार लोगों ने उसके खानदान को सरकारी राशन लेने से रोक दिया. बाद में सिविल सोसायटी के दबाव के सबब चार लोगों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन वे जमानत पर रिहा हो गए. तब से यह केस चल रहा है.अदालत की सुनवाई के बीच बिटिया के वालिद की हार्ट अटैक से मौत हो गई.

उसके खानदान को डर है कि कहीं उसके 16 साल के भाई का क़त्ल न कर दी जाए. रेप के मुश्तबा ने केस वापस लेने के लिए बिटिया से 9 लाख रुपए की पेशकश की. इतनी बड़ी रकम बिटिया ने कभी नहीं देखी है, लेकिन फिर भी उसने रुपए लेने से इंकार कर दिया है. दरअसल, बिटिया चाहती है कि उसके गुनहगारों को जेल की सजा मिले.

वह चाहती है कि लोगों को सबक मिले कि ऐसा घिनौने काम करने वाले लोग सजा पा सकते हैं. वहीं बिटिया के दादा कहते हैं कि हम कभी लालच में नहीं आए. बिटिया कहती है कि वह कभी खुद को दागदार महसूस नहीं करती, क्योंकि जिसके साथ रेप होता है वह ज़लील नहीं होते, बल्कि करने वाला होता है.

उसके और खानदान के रुख का असर पड़ रहा है. रेप के मुल्ज़िम को जमानत के लिए जमीन बेचनी पड़ी और इलाके में हर कोई समझ गया है कि रेप के नतीजे झेलने पड़ते हैं. इसलिए माना जा रहा है बिटिया के साथ हुए रेप के बाद इस गांव में रेप का दूसरा वाकिया नहीं हुआ है.

इधर, बिटिया की मदद करने वाली खातून खाकुना माधवी कुकरेजा कहती हैं कि इस मामले से जिंसी इस्तेहसाल के खिलाफ इक्दामात में तेजी हुई है. लोगों ने चुप्पी तोड़ी है. लोग अब बोल रहे हैं और मामला दर्ज कर रहे हैं.

******************बशुक्रिया : तस्वीर और खबर न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स से *****************

TOPPOPULARRECENT