बाबरी नहीं गिरती तो डायनामाइट से उड़ा देते- बाबरी विध्वंस आरोपी

बाबरी नहीं गिरती तो डायनामाइट से उड़ा देते- बाबरी विध्वंस आरोपी

बाबरी विध्वंस की बरसी के 26 साल बाद मामले के आरोपी जय भगवान गोयल ने यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के बैनर तले अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सैकड़ों की संख्या में आए लोगों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुंकार भरी. साथ ही सरकार को धमकी भी दी कि अगर वक्त रहते निर्माण नहीं हुआ तो सरकार का वही हश्र होगा जो 2004 के चुनाव में हुआ था, दोबारा इंडिया शाइनिंग जैसा हाल हो जाएगा.

गोयल का दावा है कि पहली बार जंतर-मंतर पर एक साथ अलग-अलग हिंदू संगठनों के लोग इकट्ठा हुए. गोयल ने कहा कि हिंदुओं ने बाबर सहित तमाम मुगल शासकों के बाद अंग्रेजी हुकूमत से भी अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष किया है, लेकिन सफलता नहीं मिली और 6 दिसंबर 1992 को बाबरी नाम के कलंक को धो डाला. ये भी खुलासा किया कि ‘अगर उस वक्त बाबरी नहीं गिरती तो वो डायनामाइट से उड़ा देते.” जय भगवान गोयल बाबरी विध्वंस के आरोपी हैं और उन पर आपराधिक साजिश जैसे कई गंभीर केस हैं. जयभगवान पर 120 b,365,147 जैसी धाराएं लगाई गई हैं.

भैरो मंदिर के महंत गांगानाथ ने कहा कि 2014 में योगी और मोदी की सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बहुमत मिलने पर मंदिर निर्माण की बात कही थी तो अब देरी क्यों? यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के दिल्ली के प्रभारी ईश्वर सिंह ने कहा कि अध्यादेश बनाओ, कानून लाओ लेकिन इस शीतकालीन सत्र में होली से पहले मंदिर निर्माण शुरू हो जाना चाहिए. ऐसा नहीं हुआ तो 2019 के चुनाव में सरकार बड़ा प्रश्नवाचक चिन्ह देखेगी.

जंतर-मंतर पर जहां शिव सेना और यूनाइटेड हिंदू भारत ने 26वीं बाबरी मस्जिद विध्वंस के मौके पर भगवा मार्च किया. वहीं, मुस्लिम समुदाय ने बलिदान दिवस मनाया. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट  ने इसी साल 29 अक्टूबर को विवादित ढांचे पर मंदिर निर्माण की सुनवाई को अगले साल के लिए टाल दिया था.

 

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