Monday , July 16 2018

बाबरी मस्जिद पर फैसला सुप्रिम कोर्ट को 2019 चुनाव के बाद सुनाना चाहिए- ओवैसी

हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट बाबरी मस्जिद- राम जन्मभूमि विवाद पर अपना फैसला 2019 के लोकसभा चुनावों के संपन्न होने तक टाल दे, क्योंकि इस मुद्दे का ‘भारी राजनीतिकरण’ हो जाएगा।

इंडिया टुडे कान्क्लेव में ‘अयोध्या: नफरत की राजनीति’ विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में ओवैसी ने कहा कि जमीन के मुद्दे पर अयोध्या विवाद का धार्मिक आस्था से कोई लेना-देना नहीं है।

ओवैसी ने कहा, ”राम मंदिर का मुद्दा जमीन के मालिकाना हक का मामला है। इसका आस्था से कोई लेना- देना नहीं है। यह न्याय एवं धर्मनिरपेक्षता के शासन से जुड़ा है। हर एक को सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार करना होगा।

बहरहाल, संसदीय चुनावों से पहले इस मुद्दे पर फैसला नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे भारी राजनीतिकरण हो जाएगा।

इस परिचर्चा में कांग्रेस प्रवक्ता संजय निरूपम और बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा भी शामिल थे। बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए निरूपम ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी की दिलचस्पी मंदिर बनाने में नहीं, बल्कि मुद्दे के राजनीतिकरण में है।

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