Monday , April 23 2018

बाबरी मस्जिद- राम जन्मभूमि विवाद में VHP ने बदली रणनीति, 70 एकड़ जमीन में 45 एकड़ की मांग की!

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि अयोध्या मामले में अदालत से बाहर जारी सुलह की कोशिश से उसका कोई संबंध नहीं है। वह इस संबंध अदालत के फैसले को मानेगी।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन के महासचिव दिनेश चंद्र ने बातचीत में यहां कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के जल्द फैसला सुनाने को लेकर आशावान हैं।

न्यायालय अब जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मामले को सुनेगी, लेकिन हमारे वकील इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि हमारे पास विवादित जमीन को राम जन्मभूमि साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह कहा जाना की आस्था पर नहीं, जमीन के मालिकाना हक को लेकर सुनवाई की जाएगी। इस बात को सुनने के बाद विश्व हिंदू परिषद ने अपनी मंदिर निर्माण को लेकर रणनीति बदल दी है। अब केंद्र सरकार द्वारा विवादित क्षेत्र स्थित अधिग्रहित 70 एकड़ भूमि में वीएचपी ने राम जन्मभूमि न्यास की 45 एकड़ जमीन को लेने की बात कही है।

वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री दिनेश चंद्र ने बताया कि वह शुरू से ही राम जन्म भूमि विवाद में कोई पक्ष नहीं है। केवल पक्षकार रामलला के सखा के सहयोगी की भूमिका निभाते चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा 14 मार्च को पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने लगातार 2 घंटे सुनवाई की और कोर्ट ने विषय आस्था का नहीं, भूमि का बताया और यह भी कहा कि अपील करने वाले प्रमुख पक्ष पहले सुने जाएंगे।

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