Tuesday , December 12 2017

बाबूलाल को लगा झटका, सात एमएलए ने पार्टी छोड़ी

झाविमो में झारखंड एसेम्बली इंतिख़ाब से पहले से चला आ रहा बोहरान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंतिख़ाब से साबिक़ सात एमएलए ने एकसाथ पार्टी छोड़ बाबूलाल को जोरदार झटका दिया था। इसका असर इंतिख़ाब में भी देखने को मिला और जेवीएम में एमएलए क

झाविमो में झारखंड एसेम्बली इंतिख़ाब से पहले से चला आ रहा बोहरान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंतिख़ाब से साबिक़ सात एमएलए ने एकसाथ पार्टी छोड़ बाबूलाल को जोरदार झटका दिया था। इसका असर इंतिख़ाब में भी देखने को मिला और जेवीएम में एमएलए की तादाद 11 से घटकर आठ हो गई।

जेवीएम इस झटके से अभी उबर भी नहीं पाया था कि पार्टी के आला लीडर और बाबूलाल मरांडी के अहम सिपहसालार माने जानेवाले पार्टी के जेनरल सेक्रेटरी प्रवीण सिंह ने पार्टी की सरगर्म सियासत से अपने को किनारा कर लिया। वे गुजिशता एक पखवाड़े से लोहरदगा में जमे हैं और सामाजिक तंजीम बना रियासत के मुक़ामी मुद्दों पर लड़ाई लड़ने की मंसूबा बना रहे हैं। वैसे अभी उन्होंने जेवीएम छोड़ने का फैसला नहीं लिया है। वे पार्टी के आम मेम्बर बने रहेंगे।

कई वजहों से नाराज हैं प्रवीण सिंह

गुजिशता एसेम्बली इंतिख़ाब से लेकर अब तक पार्टी के सीनियर लीडर के रवैए से वे खासे नाराज हैं। इंतिख़ाब के दौरान टिकट बांटने से लेकर इंतिख़ाब की पॉलिसी बनाने में उनकी अनदेखी की गई। इंतिख़ाब के बाद भी पार्टी के अहम फैसलों में उन्हें दरकिनार कर दिया गया। इस सिलसिले में बाबूलाल मरांडी से उन्होंने बात भी की, पर उनकी चुप्पी ने उन्हें कड़े फैसले लेने को मजबूर कर दिया।

जानकारी के मुताबिक इंतिख़ाब के दौरान कई सीटों पर पहले से तय उम्मीदवारों को आखरी वक़्त में बदल दिया गया। इसपर उनकी राय को पार्टी में अहमियत नहीं दी गई। मसलन भवनाथपुर में भानू प्रताप शाही को पार्टी ने हिमायत देने का फैसला लिया था, लेकिन आखरी वक़्त में पार्टी ने दूसरे दल से पार्टी में शामिल करा रामचंद्र केसरी को उस सीट पर उम्मीदवार बना दिया। इसके अलावा छत्तरपुर में घुरन राम, झरिया से सरोज सिंह, पांकी से सत्यमान सिंह, जरमुंडी से संजयानंद झा समेत की सीटों पर तय उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया।

नाराजगी के ये भी वजह

प्रवीण सिंह की नाराजगी के और भी कई वजह हैं। जानकारी के मुताबिक एसेम्बली इंतिख़ाब के बाद जब पहली बार एमएलए पार्टी की बैठक हुई, तो प्रवीण सिंह के अलावा पार्टी के किसी ओहदेदार को उस बैठक में मदउ नहीं किया गया। पार्टी की तरफ से 17 जनवरी को भी बैठक बुलाई गई है, जिसमें सिर्फ एसेम्बली इंतिख़ाब में पार्टी के ऐलान उम्मीदवारों को ही मदउ किया गया है। यही नहीं पार्टी एसेम्बली दल के लीडर प्रदीप यादव ने मरकज़ी हुकूमत के ज़मीन एकवायर बिल का मुखालिफत करने का फैसला अकेले ही ले लिया।

TOPPOPULARRECENT