Sunday , December 17 2017

बारिश के इम्कान के बीच शुरू होगा फौज का मिशन गंगोत्री

लखनऊ, 23 जुन: सेंट्रल कमानड चीफ ले. जनरल अनिल चैत का कहना है कि उत्तराखंड में बचाव व राहत के लिए फौज के लिए अगले 24 घंटे सबसे अहम होंगे।

लखनऊ, 23 जुन: सेंट्रल कमानड चीफ ले. जनरल अनिल चैत का कहना है कि उत्तराखंड में बचाव व राहत के लिए फौज के लिए अगले 24 घंटे सबसे अहम होंगे।

महकमा मौसमियात ने 48 घंटे में दोबारा बारिश के इम्कान जताए है। आइंदा 24 घंटे में सेना का टार्गेट केदारनाथ, जोशीमठ, तवाघाट सेक्टरों से जुड़े सभी हिस्सों से मुतबादिल रास्ता तैयार करने की है।

फौज गंगोत्री पर नया हैलीपैड आज (इतवार को ) बना लेगी। गंगोत्री से भैरोघाटी के लिए रास्ता बनाकर लोगों को हर्षिल तक लाने की मुहिम पर काम चल रहा है। गंगोत्री इलाके को आज को खाली कराया जाएगा।

ले. जनरल अनिल चैत हफ्ते के दिन प्रेस कांफ्रेंस से खिताब कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर्षिल सबसे अहम जगह है।

फौज के जवान नाकाबिल रसाई इलाके में फंसे लोगों से उनके घरों का नंबर लेकर हर्षिल बेस से 728 जगहों पर फोन कर उनके सही सलामत होने की इत्तेला दे रहे हैं।

फौज का वादा है ऊपरी हिस्से में फंसे हर एक शख्स को सही सलामत नीचे लाया जाएगा। गौरीकुंड और रामबाड़ा में हेलीकॉप्टर उतरने लगे हैं। फौज ने दूसरी कमानों से और सौ जवानों की मांग की है।

इतवार को इन जवानों के पहुंचते ही हालात की पूरी इत्तेला देकर उनको जंगलों में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि तवाघाट से धारचूला के बीच कैलाश मानसरोवर के सफर के लिए निकले 1000 लोग गूंजी वैली में फंसे हुए हैं।

अब तक फोन कॉल की बुनियाद पर फौजने जो आंकड़े तैयार किए हैं उसके मुताबिक इस मुसीबत में उत्तराखंड के 45% लोग फंसे हुए हैं। यूपी के 25 %, पंजाब के 15% हरियाणा के 5%प्रतिशत और बाकी रियासतों के 10% हैं।

TOPPOPULARRECENT