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बारिश के सबब किसानों का ज़बरदस्त ज़रई नुक़्सान

करीमनगर,19 फरवरी: गैर मौसमी बारिश, झाला बारी और तेज़ हवाओं के सबब इबतिदाई अंदाज़े के मुताबिक़ ज़िला करीमनगर में कम-ओ-बेश 50 हज़ार एक्कर‌ अराज़ी की फसलों को नुक़्सान पहुंचा है। बिलखुसूस मकई, आम और दीगर अजनास की पैदावार मुतास्सिर कई है। किसा

करीमनगर,19 फरवरी: गैर मौसमी बारिश, झाला बारी और तेज़ हवाओं के सबब इबतिदाई अंदाज़े के मुताबिक़ ज़िला करीमनगर में कम-ओ-बेश 50 हज़ार एक्कर‌ अराज़ी की फसलों को नुक़्सान पहुंचा है। बिलखुसूस मकई, आम और दीगर अजनास की पैदावार मुतास्सिर कई है। किसानों का नाक़ाबिले तलाफ़ी नुक़्सान हुआ है। उन की हिम्मत-ओ-हौसला के लिए फ़ौरी इमदाद ज़रूरी है।

इन ख़्यालात का इज़हार रुकन पार्लियामेंट पूनम प्रभाकर ने करीमनगर में अपने रिहायश गाह पर मुनाक़िदा प्रेस कान्फ़्रेंस को मुख़ातिब करते हुए किया। उन्होंने कहा कि साबिक़ में जिस तरह आनधराई इलाक़े में आफ़ात समावी के सबब फसलों को नुक़्सान पहुंचने पर जंगी ख़ुतूत पर सर्वे करते हुए किसानों को इमदाद फ़राहम की गई थी यही नहीं बल्कि इनपुट सब्सीडी क़र्ज़ भी फ़राहम किया गया था।

इसी तरह यहां के किसानों को भी जंगी ख़ुतूत पर नुक़्सान का सर्वे करते हुए मुआवज़ा दिया जाये। उन्होंने ये मुतालिबा हुकूमत से किया है। उन्होंने बताया कि ज़िला कलेक्टर महिकमा एग्रीकल्चर, महिकमा हॉर्टीकल्चर वगैरह को भी हिदायत दी है, कि पूरे ज़िले का दौरा करते हुए फसलों के नुक़्सानात का सर्वे करें।

उन्होंने बताया कि 21 फरवरी से आग़ाज़ शुदणी पार्लियामेंट के इजलास में किसानों को हुए नुक़्सान से मुताल्लिक़ वो मर्कज़ी हुकूमत को वाक़िफ़ करवाते हुए इमदाद की फ़राहमी के लिए दबाव डालेंगे। उन्होंने रियासती हुकूमत से दरख़ास्त की है कि बिला कसी ताख़ीर के किसानों को नुक़्सान का मुआवज़ा दिया जाये।

एक सवाल का जवाब देते हुए पूनम प्रभाकर ने कहा कि रेलवे लाएन‌ की तरक़्क़ी के लिए जो भी बजट मुख़तस किया जाएगा, इस में रियासती हुकूमत ने भी 50 फ़ीसद फंड्स मुहय्या करने का ऐलान किया है। चुनांचे इस ताल्लुक़ से इस इलाक़े के 3 पार्लियामेंट मुत्तफ़िक़ा तौर पर ज़्यादा बजट के लिए फिर एक मर्तबा कोशिश करेंगे, लेकिन रियासती हुकूमत आंधरा के पराजक्ट की तरह तेलंगाना के पराजक्ट के साथ इंसाफ़ नहीं कर रही है।

इस लिए हमारा मुतालिबा है कि, ऐलान के मुताबिक़ मर्कज़ी बजट का 50 फ़ीसद रियासती हुकूमत अपनी तरफ़ से फंड्स मुख़तस करें। चूँकि इस से पहले क़ौमी शाहराह के साथ नाइंसाफ़ी का तर्ज़े अमल अपनाया गया था। एक और सवाल का जवाब देते हुए पूनम प्रभाकर ने कहा कि अपोज़ीशन जमातों का काम ही तन्क़ीद करना है।

एन डी ए दौरे हुकूमत में पदापल्ली, निज़ामाबाद, रेलवे लाएन‌ और दीगर रेलवे की तरक़्क़ी के ताल्लुक़ से जो कुछ किया गया था हम इस से दो गुनाह ज़्यादा तरक़्क़ी के काम कर रहे हैं। 100 करोड़ रुपये मुख़तस करवाने पर हम ने देढ़ सौ करोड़ रुपये मुख़तस करवाया है। राम गुंडम, जमी कुन्टा, रेलवे स्टेशनों को असरी सहूलतों से तरक़्क़ी दी गई है।

करीमनगर शहर में रेलवे इस्टेशन पर रिज़र्वेशन काउंटर के इलावा सिरिसिल्ला, हुस्नाबाद में भी रिज़र्वेशन काउंटर क़ायम किए गए हैं। रेलवे के लिए फिर एक बार ज़्यादा से ज़्यादा बजट मुख़तस करने के लिए हम कोशिश करेंगे। इस प्रेस कान्फ़्रेंस में के कृष्णा, के शेखर, जी महेश, जे सिरी वगैरह मौजूद थे।

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