बारिश बनी मुसीबत, पांच हजार लोग अब भी फंसे

बारिश बनी मुसीबत, पांच हजार लोग अब भी फंसे
देहरादून, 26 जून: तबाही से मुतास्सिर इलाको में फंसे तीर्थयात्रियों और इन्हें बचाने में लगे जवानों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। इस तबाही में 822 लोगों के मरने की तस्दीक हो चुकी है।

देहरादून, 26 जून: तबाही से मुतास्सिर इलाको में फंसे तीर्थयात्रियों और इन्हें बचाने में लगे जवानों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। इस तबाही में 822 लोगों के मरने की तस्दीक हो चुकी है।

खराब मौसम की वजह से मंगल के दिन फौज, आईटीबीपी और एनडीआरएफ का बचाव मुहिम बुरी तरह असर अंदाज़ रहा। दोपहर बाद ही बचाव मुहिम रफ्तार पकड़ पाया।

बारिश, बादल और धुंध की वजह से सात हजार फंसे लोगों को निकालने के टार्गेट को लेकर चले जवान तकरीबन दो हजार लोगों को ही निकालने में कामयाब हो सके।

उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी कुमार के मुताबिक शाम तक के मुहिम के बाद अब भी पांच हजार लोग फंसे हैं। हालांकि पीर के दिन यह तादाद 4000 बताई थी।

फौज की सेंट्रल कमांड चीफलेफ्टिनेंट जनरल अनिल चैत ने मुहिम का मुआयना कर हर्षिल में फंसे लोगों से बातचीत की और उन्हें यकीन दिया कि दो दिन के अंदर सभी को निकाल लिया जाएगा।

चमोली और उत्तरकाशी जिले में फौज का बचाव मुहिम मंगल को भी जारी रहा। हर्षिल से 369 लोगों को निकाले जाने के बाद 1000 लोग अब भी फंसे हैं। चमोली जिले सेतकरीबन 1100 लोग निकाले जा सके।

बदरीनाथ धाम और आसपास के इलाकों में 2500 तीर्थयात्री और तकरीबन 1500 मुकामी लोग फंसे हैं। एयरफोर्स ने 435 लोगो को जगह-जगह से निकाले हैं।

केदारघाटी में मुहिम के दौरान केदारनाथ के रास्ते पर एक गुफा के पास 86 साधु-संत महफूज़ मिले। साधुओं के मुताबिक केदारघाटी में मुकामी गांवों के भी कई लोग लापता है।

बदरीनाथ धाम में मौजूद सभी मुसाफिर महफूज़ हैं। लेकिन हिम्म्त खोते मुसाफिर अब अपनी जान को दांव पर लगाकर पैदल ही जंगल के अनजान रास्तों से जोशीमठ के लिए निकल रहे हैं।

बदरीनाथ से लामबगड़ के बीच ऐसे सैकड़ों मुसाफिरों के फंसे होने के इम्कान है। अलकनंदा के किनारे भी अभी सैकड़ों लोग फंसे हैं |

उत्तराखंड में मंगल के दिन कई जगह बारिश हुई। तबाही से मुतास्सिर जिलों में चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में भी कई जगह तेज बौछारें पड़ीं। महकमा मौसमियात की मानें तो अगले 24 घंटे में इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसके इलावा पूरे उत्तराखंड में कई मुकामात पर बारिश होने के इम्कान है।

वह मुकाम जँहा से लोग निकाले गए

-253 लोग हर्षिल से हेलीकॉप्टर के जरिए निकाले गए।
-116 लोगों को पैदल, सड़क मार्ग से निकालने का दावा।
-बदरीनाथ से पैदल व सड़क के रास्ते से 740 लोग निकाले।
-लामबगड़ में हैली ब्रिज, बर्मा ब्रिज से 260 लोग पार हुए।
-बदरीनाथ से 18 उड़ानों के जरिए फौज ने 90 लोग निकाले।
-एयरफोर्स की 53 उड़ानों से 435 लोग निकाले गए।
-केदारनाथ के रास्ते पर गुफा के पास 86 साधु-संत सही सलामत मिले।
-कुमाऊं में पिथौरागढ़ से भी 92 फंसे लोग निकाले गए हैं।
‍‍मंगल के दिन 2000 लोगों को ही निकाला जा सका ।
–4000 तीर्थयात्री और मुकामी लोग अब भी बदरीनाथ और आसपास के इलाकों में फंसे हैं।
–1000 लोग अब भी हर्षिल में फंसे हैं मुहिम में लगे जवानों के मुताबिक।
–350 ऐसे लोगों की गुमशुदगी रियासत के मुखतलिफ थानों में दर्ज हो चुकी है, जो यात्रा पर गए थे।
–15 किलो के फूड पैकेट्स फी शख्स बुध के दिन से मुतास्सिर इलाकों में गिराए जाएंगे। ये वो गांव हैं, जो दूसरे इलाकों से कट गए हैं।
–435 सड़कों पर अभी आवाजाही ठप है।
–2 दिन में सभी फंसे लोगों को निकालने का यकीन दिया जनरल अनिल चैत ने।

———— बशुक्रिया: अमऱ उजाला

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