Thursday , December 14 2017

बाली चोटी कान्फ्रेंस के नताइज से ग़िज़ाई तमानियत प्रोग्राम ग़ैर मुतास्सिर

आलमी तंज़ीम तिजारत( डब्लयू टी ओ ) की बाली में मुनाक़िदा हालिया चोटी कान्फ्रेंस के नताइज का मुल्क के ग़िज़ाई तमानियत प्रोग्राम पर कोई असर मुरत्तिब नहीं होगा। मर्कज़ी वज़ीर-ए-सनअत-ओ-तिजारत आनंद शर्मा ने आज पार्लियामेंट में बयान देते हु

आलमी तंज़ीम तिजारत( डब्लयू टी ओ ) की बाली में मुनाक़िदा हालिया चोटी कान्फ्रेंस के नताइज का मुल्क के ग़िज़ाई तमानियत प्रोग्राम पर कोई असर मुरत्तिब नहीं होगा। मर्कज़ी वज़ीर-ए-सनअत-ओ-तिजारत आनंद शर्मा ने आज पार्लियामेंट में बयान देते हुए कहा कि मज़कूरा मुआहिदे से हमारे ग़रीबों और मज़दूर तबक़ात के लिए ग़िज़ाई तमानियत प्रोग्राम ग़ैर मुतास्सिर रहेगा क्योंकि ये हमारी ख़ुदमुख़तारी के दायरे में शामिल है।

लोक सभा में बयान देते हुए उन्होंने कहा कि तरक़्क़ी याफ़ता ममालिक जैसे अमरीका और कैनेडा ने हिन्दुस्तान के ग़िज़ाई तमानियत मंसूबा पर अंदेशे ज़ाहिर करते हुए कहा कि ग़िज़ाई अजनास का इस प्रोग्राम के तहत ज़ख़ीरा आलमी ज़रई अजनास की क़ीमतों को मसख़ करसकता है। ग़िज़ाई तमानियत मंसूबे के तहत हुकूमत काश्तकारों से अक़ल्ल तरीन इमदादी क़ीमत पर ग़िज़ाई अजनास ख़रीद रही और ग़रीब अवाम को सस्ते दामों मे फ़रोख़त कररही है।

आनंद शर्मा ने कहा कि बाली चोटी कान्फ्रेंस का नतीजा एक उबूरी निज़ाम की गुंजाइश फ़राहम करता है ताकि मसले के मुस्तक़िल हल के लिए बातचीत से क़ब्ल प्रोग्राम जारी रखा जा सके। आलमी तंज़ीम तिजारत की ग्यारहवीं विज़ारती कान्फ्रेंस 2017 में मसले की मुस्तक़िल यकसूई का इमकान है। उबूरी दौर के लिए एक हल तलाश करलिया गया है। ज़राअत के बारे में मुआहिदे के ज़रीये ग़िज़ाई तमानियत मक़ासिद के लिए अवामी ज़ख़ीराअंदोजी प्रोग्राम की मंज़ूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि मुस्तक़िल हल दरयाफ़त होने तक उबूरी इंतेज़ाम जारी रहेगा। ये अंदेशे ज़ाहिर किए गए थे कि हिन्दुस्तान अपने ग़िज़ाई सयानत मंसूबे पर मुकम्मल तौर पर अमल आवरी करने की सूरत में डब्लयू टी ओ की सब्सीडी पर आइद तहदीदात की ख़िलाफ़वरज़ी होसकती है जिसकी हद 10फ़ीसद मुक़र्रर की गई है। आनंद शर्मा ने कहा कि प्रोग्राम पर अमल आवरी के ज़रीये हिन्दुस्तान को काश्तकारों को मदद फ़राहम करने का लचकदार मौक़िफ़ इख़तियार करने में मदद मिलेगी और इस से आलमी तंज़ीम तिजारत की फ़राहम करदा गुंजाइशों की ख़िलाफ़वरज़ी भी नहीं होगी।

आलमी तंज़ीम तिजारत माबाद बाली चोटी कान्फ्रेंस प्रोग्राम के तहत इस मसले का मुस्तक़िल हल तलाश करने की पाबंद है। हिन्दुस्तान ने पुरज़ोर मुतालिबा किया है कि मौजूदा क़वाइद में तरमीम की जाये क्योंकि इनका ताय्युन 1986-88 में पाई जाने वाली क़ीमतों की बुनियाद पर है। इफरात-ए-ज़र को पेशे नज़र नहीं रखा गया है। तिजारती सहूलत मुआहिदे के बारे में आनंद शर्मा ने कहा कि हिन्दुस्तान की तजावीज़ कस़्टम़्स के तआवुन और ज़रई बरामद कुनुंदों के बारे में तंज़ीम के तमाम अरकान के लिए काबिल-ए-क़बूल पाई गईं। कस़्टम़्स के तरीका-ए-कार को सादा बनाने के सिलसिले में मुआहिदा तए पाया है।

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