Thursday , December 14 2017

बिकिनी को लेकर मुतनाज़ो में उलझा गोवा

कांग्रेस ने हफ्ते के रोज़ को मरकज़ी हुकूमत पर इल्ज़ाम लगाया कि ख्वातीन पाबंदी और बिकिनी पहनने पर रोक लगाना हुकूमत की एक चाल है, क्योंकि हुकूमत गोवा के समन्दर के साहिलों का प्राइवेटीजेशन (Privatisation) करना चाहती है | रियासत में रूलिंग पार्टी

कांग्रेस ने हफ्ते के रोज़ को मरकज़ी हुकूमत पर इल्ज़ाम लगाया कि ख्वातीन पाबंदी और बिकिनी पहनने पर रोक लगाना हुकूमत की एक चाल है, क्योंकि हुकूमत गोवा के समन्दर के साहिलों का प्राइवेटीजेशन (Privatisation) करना चाहती है | रियासत में रूलिंग पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक लीडर ने गोवा में ‘दाखिल फीस वाले खुसूसी बहरी साहिल’ बनाए जाने की मांग रखी है, जहां ख्वातीन को बिकिनी पहनने की इज़ाज़त होगी |

कांग्रेस के तरजुमान दुर्गादास कामत ने हफ्ते के रोज़ नामानिगारो से कहा, “ऐसे बयान देकर वे ख्वातीन की आज़ादी छीननकर उन पर पाबंदी लगाने की कोशिश कर रहे हैं.”

महाराष्ट्रवादी गोमंकर पार्टी (एमजीपी) के एमएलए लावु मामलेदर ने जुमेरात को विधानसभा में कहा था कि गोवा में एक हजार से दो हजार रुपये के दाखिल फीस वाले ‘खुसूसी बिकिनी वाले Beach बनाए जाने चाहिए.

मामलेदार ने कहा, “इससे हुकूमत को आमदनी भी होगी |” उन्होंने कहा कि इंट्री फीस ‘बिकिनी बीच (Beach) की आमदनी ‘ से टूरिज़्म को भी बढ़ावा मिलेगा |

इधर, कामत ने कहा, “उनका असली मकसद गोवा के Beaches का प्राइवेटीजेशन (Privatisation) कर रुपये कमाना है.”

इससे पहले, मामलेदार के साथी और वेलफेयर डिपार्टमेंट के वज़ीर सुदीन धवलीकर के मुनाजा बयान ने हचलल मचा दी थी, जिसमें गुजश्ता महीने उन्होंने बिकिनी, मिनी स्कर्ट और पबों पर पाबंदी लगाने की मांग की थी और कहा था कि ये हिंदुस्तानी कल्चर संस्कृति के खिलाफ है |

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