Friday , December 15 2017

बिजली बिल कम कराने के लिए देनी पड़ी थी घूस : वजीरे आला

सरकारी महकमे में जड़ जमाये घूसखोरी से वजीरे आला जीतन राम मांझी का भी सबक हुआ था। मिस्टर मांझी ने घूस देकर 25 हजार रुपये का बिजली बिल पांच हजार रुपये में निबटा दिये थे।

सरकारी महकमे में जड़ जमाये घूसखोरी से वजीरे आला जीतन राम मांझी का भी सबक हुआ था। मिस्टर मांझी ने घूस देकर 25 हजार रुपये का बिजली बिल पांच हजार रुपये में निबटा दिये थे।

इसका खुलासा खुद वजीरे आला ने मंगल को पटना में इंतेजामिया अफसरों के एक तरबियत प्रोग्राम में किया। इस एक्जाम्पल के जरिये उन्होंने नए मुंतखिब बीडीओ को ईमानदारी से काम करने और आवाम से जुड़कर तरक़्क़ी पर जेहन देने का मशवरा दिया।

मिस्टर मांझी ने कहा, गया में मेरे एक पड़ोसी थे, जो मीटर रीडरों की मदद से बिजली की चोरी करते थे। जितने का बिजली बिल आता था, उससे काफी कम वे अदायगी करते थे। पड़ोसी ने राजस्व चोरी का तरीका उन्हें बताया।

मिस्टर मांझी ने खुद के बिजली बिल के अदायगी में इस तरीके का इस्तेमाल किया। 25 हजार रुपये का बिजली बिल पांच हजार रुपये में निबट गया। इसके एवज में उन्हें एक अफसर को घूस देने पड़े। उन्होंने बताया कि बिजली बिल में घूसखोरी को लेकर जब उन्होंने एंजिनियर को बताया तो उन्होंने इस पर ताज्जुब हुआ। इसके बाद मुतल्लिक़ अफसर के खिलाफ एसआइटी के जरिये छापेमारी करायी गयी। उसके घर से करोड़ों की गैर कानूनी जायदाद मिली। मिस्टर मांझी ने बड़े साफगोई से कहा कि बैंक, थाना हर जगह बिचौलिये पैदा हो गये हैं।

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