Monday , December 18 2017

बिहार एसेम्बली में नीतीश ने जीता एतमाद , हक़ में पड़े 140 वोट

बिहार के वजीरे आला नीतीश कुमार ने आज एसेम्बली में एतमाद हासिल किया। एतमाद तजवीज के हक़ में 140 वोट पड़े जबकि मुखालिफत में कोई वोट नहीं पड़ा, क्योंकि ओपोजीशन भाजपा के एमएलए एवान से वाक आउट कर गये थे और मांझी गुट के एमएलए ने भी नीतीश कुम

बिहार के वजीरे आला नीतीश कुमार ने आज एसेम्बली में एतमाद हासिल किया। एतमाद तजवीज के हक़ में 140 वोट पड़े जबकि मुखालिफत में कोई वोट नहीं पड़ा, क्योंकि ओपोजीशन भाजपा के एमएलए एवान से वाक आउट कर गये थे और मांझी गुट के एमएलए ने भी नीतीश कुमार के हक़ में रायशुमारी किया था।

नीतीश कुमार के तक़रीर के बाद स्पीकर ने आवाज लगा कर राय शुमारी एतमाद तजवीज को पारित कराने की कोशिश किया। लेकिन इक्तिदार हक़ की तरफ से मांग की गयी कि लॉबी डिवीजन के जरिये एतमाद तजवीज का फैसला हो, ताकि आवाम किसी मशकूक में न रहे। अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी कहा कि गुजिशता कुछ वक़्त से भाजपा ने रियासत में काफी उलझन फैलाया है, इसलिए उलझन की सुरते हाल को दूर करने के लिए लॉबी डिवीजन होना बहुत जरूरी है। चूंकि ओपोजीशन एवान से वाक आउट कर गया है, इसलिए नीतीश हुकूमत का एतमाद जीतना यक़ीनी है। मांझी का साथ देने वाले एमएलए ने भी एमएल जाने के डर से नीतीश कुमार के हक़ में रायशुमारी किया है।

अदम एतमाद तजवीज पर नीतीश कुमार के तक़रीर के दरमियान ओपोजीशन के लीडर नंदकिशोर यादव ने कहा कि हमारा सवाल आपसे यह था कि आपने मांझी को हटाने का फैसला क्यों किया। लेकिन आप इस मुद्दे पर कोई सफाई नहीं दे रहे हैं। नंदकिशोर ने एक शेर सुनाया कि – हंसी-ठहाकों से किसे गुरेज है, लेकिन जगहंसाई अच्छी नहीं लगती। उन्होंने कहा कि आपकी सफाई से हम मुतमइन नहीं है और भाजपा के मेम्बर एवान का बायकॉट करके चले गये।

उनके जाने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि वजीरे आला का ओहदा छोड़ने के बाद चारों तरफ से मेरे इस फैसले का मुखालिफत हो रहा था। मैं जहां भी गया, लोगों ने कहा कि आपने गलत फैसला किया है, तो मुझे अपनी भूल का अहसास हुआ और पार्टी ने मुझे दोबारा वजीरे आला ओहदे कुबूल करने का हुक्म दिया, जिसका मैंने पालन किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी भाजपा ने इक्तिदार के लिए बाबूलाल मरांडी की पार्टी को तोड़ा और अकसरियत हासिल किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जब आडवाणी , मुरली मनोहर और श्यामा प्रसाद की नहीं हुई, तो वह किसी की क्या होगी। भाजपा सिर्फ इक्तिदार की है, वह हर फैसला इक्तिदार के लिए करती है।

TOPPOPULARRECENT