Thursday , December 14 2017

बिहार की तरक़्क़ी के लिए सबका दरवाजा खटखटाएंगे : नीतीश

वजीरे आला ने पीर को कहा कि रियासत की तरक़्क़ी के लिए उन्हें चाहे जिसके दरवाजे पर जाना पड़े वो हिचकेंगे नहीं। साथ ही, अंगिका लैंगवेज़ को प्रोमोट करने के लिए उन्होंने रियासत में अंगिका अकादमी की तशकील की घोषणा भी की। सुल्तानगंज के अगुवा

वजीरे आला ने पीर को कहा कि रियासत की तरक़्क़ी के लिए उन्हें चाहे जिसके दरवाजे पर जाना पड़े वो हिचकेंगे नहीं। साथ ही, अंगिका लैंगवेज़ को प्रोमोट करने के लिए उन्होंने रियासत में अंगिका अकादमी की तशकील की घोषणा भी की। सुल्तानगंज के अगुवानी घाट पुल का रिमोट से काम शुरू करने के बाद मुक़ामी मुरारका कॉलेज में नीतीश कुमार ने कहा कि रियासत की भलाई के लिए उन्हें जहां और जिस दरवाजे पर दस्तक देना होगा देते रहेंगे।

वजीरे आजम के दरवाजे पर भी दस्तक देंगे। वजीरे आला ने कहा – चौदहवें फायनेंस कमीशन की सिफारिश आने से बिहार को थोड़ा नुकसान हो गया। हमने सवाल उठाया कि दीगर तरीकों से उसकी भरपाई होनी चाहिए।
इसके लिए मिलजुल कर लडऩा ही पड़ेगा। हम भाजपा के दोस्तों से भी कहेंगे कि बिहार के हक की लड़ाई में किसी भी क़िस्म का तलाफ़ी नहीं होना चाहिए। सियासी तौर से हम अलग स्ट्रीम के हो सकते हैं। लेकिन, जहां तक बिहार के तरक़्क़ी का सवाल है हमको जहां जिस दरवाजे पर अपनी बात रखनी होगी हम रखेंगे। सियासी तलाफ़ी होंगे और लड़ाई होगी भी। वजीरे आला ने कहा कि हम दोनों में कौन सही और कौन गलत है यह फैसला अवाम करेगी।

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