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बिहार की है गीता, 26 को अहले खाना से मिलन

पटना : 10 साल से भी पहले गलती से सरहद पार कर पाकिस्तान में पहुंचने के बाद से वहाँ रह रही हिन्दुस्तानी लड़की गीता जल्द ही चार लौटेगी। हुकूमत ने उसे वापस लाने के लिए अमल तकरीबन पूरी कर ली है। 26 अक्तूबर को उसका अपने अहले खाना से मिलन हो सकता है। इससे पहले गीता और उसके वालिदैन को डीएनए टेस्ट से गुजरना होगा। डीएनए के मिलान के बाद ही उसे अहले खाना को सौंपा जाएगा। वजीरे खारजा के जरिए गीता को पाकिस्तान में तीन फोटो भेजे गए थे। इसमें से एक फोटो की शिनाख्त उसने अपने अहले खाना के तौर में की। समझा जाता है यह अहले खाना बिहार के सहरसा का है, जिसने अपनी बेटी को शिनाख्त कर लिया है। इनका कहना है की पाकिस्तान में जिस लड़की को लोग गीता के नाम से जानते हैं, असल में वह उनकी बेटी हीरा है। वजीरे खारजा सुषमा स्वराज ने जुमेरात को बताया, ‘गीता जल्द ही अपने मुल्क लौटेंगी। हमने उसके अहले खाना का पता लगा लिया है। उसे डीएनए टेस्ट के बाद ही अपने अहले खाना को सौंपा जाएगा।

सहरसा जिले के सलखुया ब्लॉक के कबीरा धाप के रहने वाले ज्नार्धन महतो का दावा है की पाकिस्तान की जिस लड़की को गीता बताया जा रहा है, वह उनकी बेटी हीरा है। वे लंबे डबल्यूक्यूटी से लुधियाना के टिब्बा रोड रमेश गली नंबर 1/2 मकान नंबर 13949 में सात बेटा-बेटियों के साथ रहते थे। पहली बेटी हीरा पैदाइश से ही गूंगी बाहरी थी। बचपन में ही कबीरा के रहने वाले उमेश महतो से उसकी शादी हो गयी थी। उससे एक बेटा होने पर दामाद अपने साथ हीरा (गीता) व बेटा संतोष को विदाई कर साथ ले गए। वैशाकी मेला में अहले खाना के साथ मेला देखने के दौरान भीड़-भाड़ होने की वजह से गीता बिछुड़ गयी। काफी कोशिश के बाद भी वह नहीं मिली। टीवी में देखा, तो उसकी माँ शांति देवी ने उसे पहचान लिया। इसके बाद वजीरे खारजा के बुलावे पर अहले खाना ने हीरा के साथ अपने अहले खाना की फोटो जमा करवाई। इसे वजीरे खारजा ने पाकिस्तान भेजा। गीता ने उसी फोटो को अपना अहले खना बताया है। इसके बाद जनार्दन का अहले खाना अपनी बेटी से मिलने के लिए काफी बेक़रार है।

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