बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी दी, यह है वज़ह!

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी दी, यह है वज़ह!

अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने दलित हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने देश और राज्य में दलितों पर हो रहे हमले पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि अगर यह नहीं रुका तो वे लोग बौद्ध धर्म अपना लेंगे।

पटना में भीमराव अंबेडकर के पुण्यतिथि के मौके पर बाबा साहेब को नमन किया और पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि देश में दलितों पर दमन और उत्पीड़न बढ़ा है जो चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। मांझी ने कहा कि हमलोगों को ब्राह्मणवाद के कारण पीछे रखा गया और एक खास रणनीति के तहत हमें अलग-थलग किया गया।

मांझी ने कहा कि धर्मपरिवर्तन को लेकर वे अपने समर्थकों से बातचीत करेंगे और इस पर फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें बौद्ध धर्म अपनाने में कोई हर्ज नहीं दिखता।

मांझी ने एकबार फिर निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग दोहराते हुए इसके लिए जल्द ही पार्टी द्वारा आंदोलन करने की बात कही। मांझी की पार्टी कुछ ही महीनों पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक (राजग) से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीत महागठबंधन में शामिल हुई है।

बिहार में सीटों को बंटवारे को लेकर एनडीए में मचे घमासान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने नीतीश सरकार और एनडीए पर जमकर निशाना साधा। बुधवार को उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा एक गलत गठबंधन में हैं।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर कोई चाहे वह किसी भी पार्टी में हो जाति, धर्म की राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मांझी ने कहा कि चुनाव के लिए वोट का मानक विकास होना चाहिए न कि जाति और धर्म।

उन्होंने राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के संबंध में बोलते हुए कहा कि वे गलत गठबंधन में हैं। महागठबंधन के बारे में मांझी ने कहा कि इस बार के चुनाव में महागठबंधन ही जीतने वाला है। क्योंकि जहां पर जीतन राम होता है वहीं जीत होती है।

साभार- ‘पत्रिका’

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