Monday , December 18 2017

बिहार के वजीरे आला हुए बागी!

वजीरे आला जीतन राम मांझी अब बागी तेवर में हैं। उन्होंने जदयू के क़ौमी सदर शरद यादव को ललकारते हुए कहा कि एमएलए दल की बैठक बुलाने का हक़ सिर्फ सदन के लीडर को है। सदन का लीडर मैं हूं। पार्टी के क़ौमी सदर ने सात फरवरी को एमएलए दल की जो ब

वजीरे आला जीतन राम मांझी अब बागी तेवर में हैं। उन्होंने जदयू के क़ौमी सदर शरद यादव को ललकारते हुए कहा कि एमएलए दल की बैठक बुलाने का हक़ सिर्फ सदन के लीडर को है। सदन का लीडर मैं हूं। पार्टी के क़ौमी सदर ने सात फरवरी को एमएलए दल की जो बैठक बुलाई है वह गैर कानूनी है। पार्टी के क़ौमी सदर को एमएलए दल की बैठक बुलाने का हक़ नहीं है। वजीर आला ने यह भी कहा कि उनके इस्तीफे की खबर बेबुनियाद है। उन्होंने न तो इस्तीफा दिया है और न ही अभी इस तरह की कोई बात है।

वजीर आला ने अपने हिमायतों के साथ जुमेरात की रात घंटों बैठक भी की। मिसर मांझी के हिमायती एमएलए ने यह भी इशारा दिया कि सात फरवरी को शरद यादव की तरफ से बुलाई गई बैठक में न तो मिस्टर मांझी शामिल होंगे और न ही उनके हिमायती एमएलए और वज़ीर शरद यादव की तरफ से जिस वक़्त एमएलए दल की बैठक बुलाने का ऐलान किया गया, उस वक़्त वजीरे आला जहानाबाद में एक प्रोग्राम के सिलसिले में थे।

देर शाम लौटने के बाद उन्होंने अपने हिमायती वज़ीरों व एमएलए समेत कुछ कानूनी माहिरीन से भी इस मसले पर बात की। पूरे मशवरे के बाद उन्होंने सरकारी तौर पर यह ऐलान किया कि जदयू के क़ौमी सदर शरद यादव ने जो बैठक बुलाई है वह गैर कानूनी बैठक है। इस बारे में उनसे किसी तरह की चर्चा भी नहीं हुई है। बजट सेशन के पहले एमएल दल की बैठक बुलाने की रिवायत रही है।

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