Tuesday , July 17 2018

बिहार को बार-बार ठगने में लगे हैं वजीरे आजम मोदी : वजीरे आला

पटना : वजीरे आला नीतीश कुमार ने कहा कि पैकेजिंग के महारथी भाजपाई और उनके वजीरे आजम नरेंद्र मोदी फिर बिहार के लोगों को बरगलाने और ठगने की कोशिश में हैं। हालांकि इस बार यहां के लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे। हमें खुदरा-खुदरी नहीं चाहिए, न ही पुरानी मंसूबों की नई पैकेजिंग। देना है तो बिहार को खुसुसि रियासत का दर्जा दीजिए। इसी से यहां का तरक़्क़ी मुमकिन है।
नीतीश पीर को अवामी दरबार के बाद सहाफ़ियों से बात कर रहे थे। बोले-मुझे पीएम की एलनात का इंतजार रहेगा। जहां तक मुझे इत्तिला है कुछ भी नया मिलने वाला नहीं है। लोकसभा इंतिख़ाब के वक़्त तो मोदी ने बिहार को खुसुसि दर्जा, खुसुसि पैकेज और खुसुसि मदद देने का वादा किया था, उसे तो अब तक पूरा किया नहीं।
उन्होंने मुल्क से किए वायदे को भी पूरा नहीं किया। क्या-क्या कहा था? पता नहीं यह सब उनको भी याद है कि नहीं? देखते हैं कि मंगल को क्या एलान करते हैं? इससे पहले भी मरकज़ी हुकूमत ने जो वादा किया था, उसे अभी तक पूरा नहीं किया गया। वजीरे आजम मंगल को जिन सड़क मंसूबों का संगे बुनियाद करेंगे, उनमें से कई एनएच तो मेरा किया हुआ है। पटना और नालंदा से गुजरने वाली रियासत की अहम फतुहा-हरनौत-बाढ़ सड़क और सोन नदी पर कोइलवर में छह लेन पुल पुरानी मंसूबा है। नीतीश बोले-बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिर भी क़्जौमी औसत पर पहुंचने में हमें 25 साल लग जाएंगे। इसलिए, हम खुसुसि दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।

13वें फाइनेंस कमीशन में बिहार को 1.5 लाख करोड़ रुपए मिले थे, जबकि रियासतों को बांटने के लिए मरकज़ के पास 14 लाख करोड़ रुपए थे। 14वें फाइनेंस कमीशन में मरकज़ के पास रियासतों के लिए 40 लाख करोड़ रुपए हैं। फिर भी मरकज़ ने बिहार को महज़ 3.75 लाख करोड़ रुपए दिए। करीब 50 हजार करोड़ रुपए की कटौती के बाद भी भाजपा के लीडर कहते हैं कि बहुत दे दिया। लोगों को गुमराह करना भाजपा की पुरानी आदत है।

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