बिहार बोर्ड के चेयरमैन की बीवी की ही डिग्री फर्जी निकली

बिहार बोर्ड के चेयरमैन की बीवी की ही डिग्री फर्जी निकली
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पटना: बिहार टॉपर घोटाले में जो नया नाम सामने आया है वो है जदयू की साबिक एमएलए उषा सिन्हा. अब खबर ये है कि उषा सिन्हा की खुद की डिग्री भी फर्जी है. बिहार बोर्ड के चैयरमैन लालकेश्वर सिंह और उनकी बीवी उषा सिन्हा दोनों अभी फरार चल रहे है।

पुलिस ने दोनों को ढुंढने की अमल तेज कर दी है. दस्तावेजों के मुताबीक, उन्होने 8 साल की उम्र में ही मैट्रिक की इम्तिहान पास कर ली थी. 2010 में चुनाव के वक्त जमा किए गए एफिडेविट में उषा ने बताया है कि उनकी उम्र 49 साल है।

उनके जाली दस्तावेजों की तकदीक इस बात से भी होती है कि जमा किए गए कागजात में उन्होने बताया है कि 1976 में उन्होने मास्टर्स किया था. उन्होने अवध विश्वविद्दालय से मास्टर्स किया था और इसकी स्थापना ही 1975 में हुई थी, फिर कैसे मुमकिन है कि वो दो साल का कोर्स एक साल में ही कर लें।

इस हिसाब से 24 साल की उम्र में उन्होने मगध यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी कर ली. गिरफ्तार किए गए दो संदिग्धों ने बताया कि वो कॉलेज के संचालकों के साथ डील करके अपने शौहर लालकेश्वर के जरिए बच्चों को पास करवाती थी।

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