Friday , May 25 2018

बिहार में एमएलए से मांगी जा रही रंगदारी : पासवान

पटना : मरकज़ी वज़ीर राम विलास पासवान ने बिहार में बढ़ते जुर्म पर फिक्र जाहिर करते हुए जुमेरात को नीतीश हुकूमत पर जमकर निशाना साधा है । वजीरे आला नीतीश कुमार और राजद सरबराह लालू यादव के खिलाफ मोरचा खोलते हुए राम विलास पासवान ने कहा कि रियासत में रंगदारी मांगने वालों के हौसले मुसलसल बढ़ते जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि बिहार में उनकी पार्टी के एमएलए राजू तिवारी और मुन्नी देवी को रंगदारी के लिए धमकाया जा रहा है । मरकज़ी वज़ीर राम विलास पासवान नेशनल शुगर इंस्टीटीयूट में आज एक प्रोग्राम में हिस्सा लेने कानपुर आये थे । प्रोग्राम के बाद सहाफ़ियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लालू और नीतिश गुजिशता 25 साल से बिहार में सरकार चला रहे हैं लेकिन इसके बावजूद वहां का जंगलराज अभी भी कायम है । दो सप्ताह में चार इंजीनियरों की कत्ल, यरगमाल और बच्चियों के साथ इशमतरेज़ि के साथ-साथ रंगदारी की वारदात बढ़ी हैं । अभी हाल ही में हमारी लोक जनशक्ति पार्टी के एमएलए राजू तिवारी से रंगदारी के तौर में दस लाख रुपये मांगे गये ।

इसी तरह एक दीगर एमएलए मुन्नी देवी से रंगदारी के एक करोड़ रुपये मांगे गये वरना अंजाम भुगत लेने को कहा गया । उन्होंने कहा कि बिहार में लालू, नीतिश की हुकूमत रंगदारों की हुकूमत बन गयी है और आम अवाम का सिर्फ दो महीनों में ही हुकूमत से मोहभंग हो गया है और अवाम खौफ के साये में जी रही है । राम विलास ने बिहार में दो महीने में ही जंगलराज आ जाने का इल्ज़ाम लगाते हुये आज कहा कि हमारी पार्टी ने पहले छह महीने बाद सरकार के कामकाज की जायजा करने की मंसूबा बनाई थी लेकिन अब हालात इतने खराब हो गये है कि मैं दस जनवरी को पटना जा रहा हूं और वहां अपनी पार्टी के लीडरों से बात करके हुकूमत के खिलाफ तहरीक की ड्राफ्ट बनाई जायेंगी ।

बिहार इंतिख़ाब में राजग की हार का वजह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दीगर रियासतों जहां अवाम के लिये तरक्की पहला मुददा होता है दीगर मुददे बाद में होते हैं, वहीं बिहार में इसके उलट इंतिख़ाब में जातिवाद और मजहब पहला मुददा होता है जबकि तरक्की और दीगर मुददे बाद में होते हैं । इसी वजह से बिहार पसमादन्दा हुआ है ।

भाजपा लीडर सुब्रमण्यम स्वामी के राममंदिर तामीर मुतल्लिक़ बयान के बारे में पूछे जाने पर पासवान ने कहा कि कोई लीडर क्या कहता है इससे हमें कोई लेना देना नहीं है लेकिन हम इतना जानते हैं कि मरकज़ में हुकूमत के एक साल सात महीने के मुद्दत में हमारे वजीरे आजम का नज़रिया सिर्फ मुल्क का तरक़्क़ी, नौजवानों को रोजगार, किसानों की खुशहाली और बाइरून मुल्कों में मुल्क की तस्वीर चमकाने का काम कर रहा है । उन्होंने तो एक बार भी मंदिर मस्जिद की बात नहीं की । उन्होंने मोदी की मुक़ाबले महाभारत के अर्जुन से करते हुये कहा कि वजीरे आजम को सिर्फ तरक़्क़ी दिखाई देता है ।

 

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