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बिहार में नरेंद्र मोदी होंगे भाजपा का चेहरा

बिहार भाजपा इंतिख़ाब इंचार्ज व मरकज़ी रसायन व उर्वरक वज़ीर अनंत कुमार ने आज सहाफ़ियों से बात करते हुए कहा कि बिहार एसेम्बली इंतिख़ाब में नरेंद्र मोदी पार्टी का चेहरा होंगे। अनंत कुमार आज सुबह 8:30 बजे पटना पहुंचे उनके साथ नरेंद्र सिंह त

बिहार भाजपा इंतिख़ाब इंचार्ज व मरकज़ी रसायन व उर्वरक वज़ीर अनंत कुमार ने आज सहाफ़ियों से बात करते हुए कहा कि बिहार एसेम्बली इंतिख़ाब में नरेंद्र मोदी पार्टी का चेहरा होंगे। अनंत कुमार आज सुबह 8:30 बजे पटना पहुंचे उनके साथ नरेंद्र सिंह तोमर व संतोष गंगवार भी हैं। इंतिखाब इंचार्ज मुकर्रर किए जाने के बाद वह पहली बार बिहार दौरे पर हैं। उनके अलावा पांच और मरकज़ी वज़ीर भी बिहार के दौरे पर आयेंगे और एसेम्बली हल्कों में मुनक्कीद कारकुनान सम्मेलन को खिताब करेंगे।

सहाफ़ियों से बात करते हुए अनंत कुमार ने कहा कि नीतीश और लालू का इत्तिहाद जंगलराज का चेहरा है। हम अवाम के दरमियान तरक़्क़ी के एजेंडे को लेकर जायेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के हुकूमत से अवाम परेशान है। इस बार अवाम उन्हें नकार देगी। आवाम तरक़्क़ी को वोट देगी।

नरेंद्र मोदी को भाजपा का चेहरा बनाए जाने की खबर के बाद जदयू लीडर राजीव रंजन ने एक न्यूज चैनल पर बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार के सामने भाजपा का कोई चेहरा टिक नहीं सकता है। इनके पास बिहार भाजपा में कोई लीडर ही नहीं जो नीतीश कुमार के सामने खड़ा भी हो सके। भाजपा के इस फैसले से मालूम होता है कि उन्होंने असलाह पहले ही डाल दिया है।

राजीव रंजन के बयान का जवाब देते हुए भाजपा लीडर रामेश्‍वर चौरसिया ने कहा कि हमारे पास बिहार में 10-12 नेता हैं। वक़्त आने पर हम अपने लीडर का इंतिखाब कर लेंगे दूसरों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

वहीं राजद लीडर मनोज झा ने कहा कि भाजपा के पास एक ही पोस्टर ब्वॉय है जिसको वह हर इंतिख़ाब में इस्तेमाल कर रही है। भाजपा को पता होना चाहिए कि सिर्फ एक ही पोस्टर ब्वॉय के बदौलत इंतिख़ाब नहीं जीता जा सकता है। दिल्ली इंतिख़ाब में करारी हार को उन्हें याद रखना चाहिए। आवाम नरेंद्र मोदी को 2014 में पीएम बनाकर पछता रही है। अवाम अब जान चुकी है कि उसने पीएम की जगह बादशाह को चुन लिया है।

गौरतलब है कि भाजपा ने हरियाणा महाराष्‍ट्र और झारखंड में बिना किसी सीएम ओहदे के उम्मीदवार के साथ इंतिख़ाब लड़ा और उसे जीत हासिल हुई, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में उसने किरण बेदी को पार्टी का चेहरा बनाया। इस इंतिख़ाब में भाजपा को करारी हार मिली और 70 सीट में से वह महज़ 3 सीट ही जीत सकी।

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