Thursday , September 20 2018

बिहार में सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक हिंसा भड़काया गया, दंगा भड़काने में बीजेपी का हाथ!

रामनवमी के आस-पास बिहार के भागलपुर, औरंगाबाद, समस्तीपुर, नालंदा, नवादा, मुंगेर जैसे कई जिलों में फैले सांप्रदायिक हिंसा की जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय भर्त्सना करता है | अखबार और आन्दोलनों के साथियों की जमीनी रपट से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन घटनाओं को बड़े सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है |

औरंगाबाद और कई अन्य जगह लोग कह रहे हैं कि दंगा भड़काने के लिए बाहर से लोग आये थे | पुलिस की छिटपुट कारवाई से भी स्पष्ट होता जा रहा है कि कई जगह हिंसा भड़काने में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का हाथ था | औरंगाबाद में भाजपा कार्यकर्ता अनिल सिंह को गिरफ्तार किया गया और भागलपुर में दंगा भड़काने के बाद मीडिया और जनता के दवाब के कारण वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे के पुत्र अरिजीत सारस्वत को गिरफ्तार करना पड़ा | रोसड़ा में दो भाजपा कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए |

दुनिया भर में शांति के प्रतीक माने जाने वाले महावीर और बुद्ध की धरती बिहार पर लोगों को धर्म के नाम पर बांटने और दंगा करवाने से इन ताकतों को वोट में कितना फायदा होगा यह तो वक्त ही बताएगा पर यह साफ़ है कि भाजपा के सामने नीतीश कभी घुटना टेकते और कभी असहाय दिख रहे हैं और उनका प्रशासन सांप्रदायिक हिंसा को रोकने में नाकाम रहा है | जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय मांग करता है कि दंगा भड़काने वालों की अविलम्ब गिरफ्तारी की जाये और उन्हें सजा दिलाई जाए |

जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय लोगों को याद दिलाना चाहता है कि 2015 चुनाव में भी भाजपा ने उन्हें धर्म पर बांटने की पुरजोर कोशिशें की थी और गाय के नाम पर लोगों को भड़काया था | 2015 में मिले पराजय के बाद और फिर चोर दरवाजे से सत्ता में आने के बाद वह फिर अपनी चालें दोहराने लगे हैं | नौजवानों के हाथों में तलवार देकर और रामनवनी जैसे शुभ मौके पर मुसलमानों को निशाना बनाते हुए भड़काऊ गानों और नारों का इस्तमाल कर दंगा भड़काया गया है | मुसलमानों की दुकानों को चिन्हित कर जलाया जा रहा है | हम मानते हैं कि बिहार की जनता इनकी चालों को समझेगी और इनसे सवाल पूछेगी कि हमारा रोजगार कहाँ हैं ? नौकरियां कहाँ हैं ? विकास के वायदे कहाँ गए ?

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