Tuesday , September 25 2018

बीजेपी की दलित महिला सासंद ने मोदी सरकार को बताया दलित विरोधी, रैली निकालने की धमकी दी

जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश में सपा बसपा के साथ आने से बीजेपी के माथे पर चिंता की लकीरें पैदा कर दी है तो वहीं अब खुद की पार्टी से भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के बहराइच से लोकसभा सांसद सावित्रि बाई फूले ने अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है।

सावित्र बाई फूले ने घोषणा कर दी है कि पार्टी की दलित विरोधी और नातियों के चलते आने वाली 1 अप्रैल को वो रैली करने जा रही है। बीजेपी की तरफ से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इधर एसएटी एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तार पर सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के फैसले के खिलाफ एससीएसटी कमीशन के लोगों ने भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर मुलाकात की है।

दरअसल ये सारा मामला उच्चतम न्यायालय ने पिछले हफ्ते आदेश से जुड़ा है जिसमें एससी एसटी प्रताड़ना कानून के तहत दर्ज शिकायत पर कोई फौरी गिरफ्तारी नहीं होगी।

न्यायालय ने कहा था कि इस अधिनियम के तहत किसी लोक सेवक को गिरफ्तार करने से पहले कम से कम डीएसपी स्तर के एक अधिकारी द्वारा शुरूआती जांच अवश्य करानी होगी।

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान और रामदास अठावले ने यह मांग की है कि सरकार आदेश के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दायर करे। वहीं, भाजपा के कई सांसद भी इस फैसले को लेकर परेशान हैं और उन्होंने अपने विचार से पार्टी नेतृत्व को अवगत करा दिया है।

वहीं जानकारी मिल रही है कि एक संसदीय समिति यह सिफारिश कर सकती है कि सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति( प्रताड़ना निवारण) अधिनियम के प्रावधानों को कमजोर बनाने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दायर करे।

सामाजिक न्याय पर संसद की स्थायी समिति के सदस्यों ने दलगत भावना से ऊपर उठते हुए कहा कि वे लोग अगले हफ्ते होने वाली समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे।

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