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बीज घोटाला : अफसर अब भी पकड़ से बाहर

निगरानी ब्यूरो ने बीज और ज़िराअत आलात फरोख्त के मामले में गड़बड़ी करने के इल्ज़ाम में जुमेरात को साबिक़ ज़िराअत वज़ीर सत्यानंद भोक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि निगरानी के दबाव में साबिक़ ज़िराअत वज़ीर और एसेम्बली रुक्न नलिन सोरे

निगरानी ब्यूरो ने बीज और ज़िराअत आलात फरोख्त के मामले में गड़बड़ी करने के इल्ज़ाम में जुमेरात को साबिक़ ज़िराअत वज़ीर सत्यानंद भोक्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि निगरानी के दबाव में साबिक़ ज़िराअत वज़ीर और एसेम्बली रुक्न नलिन सोरेन गुजिशता 18 जुलाई को सरेंडर कर चुके हैं, जिसके बाद निगरानी ने उन्हें गिरफ्तार किया।

नलिन के खिलाफ गुजिशता 15 अक्तूबर को अदालत में चाजर्शीट दायर की गयी, लेकिन निगरानी बीज घोटाले और कुआं तामीर में तकरीबन 19 करोड़ की गड़बड़ी में शामिल सात अफसरों को अब तक गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। अफसरों के खिलाफ अदालत से गुजिशता 12 जुलाई को गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया गया। हालांकि निगरानी की टीम कभी-कभार दिखावे के लिए छापामारी जरूर करती है।

मौजूदा में दो अफसर आरपी सिंह और अजेश्वर प्रसाद सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगायी है। हालांकि निगरानी के मुताबिक अफसरों की गिरफ्तारी के लिए कोशिश जारी है।

घोटाले के मुल्ज़िम अफसर

राजेश सिंह (डाइरेक्टर ज़मीन तहफ्फुज)
अजेश्वर सिंह ( डाइरेक्टर आबपशी प्रोजेक्ट )
अंजनी कुमार मिश्र (ज़मीन तहफ़्फुज़ ओहदेदार, पलामू)
पीयूष कुजूर ( ज़मीन तहफ़्फुज़ ओहदेदार, रांची)
अनिल कुमार (मौजूदा ज़मीन तहफ़्फुज़ ओहदेदार, हजारीबाग)
अनिरुद्ध कुमार (ज़मीन तहफ़्फुज़ ओहदेदार हजारीबाग)
भवेश नारायण ठाकुर (शरीक ज़मीन तहफ़्फुज़ ओहदेदार)
अरुण कुमार (जिला ज़मीन तहफ़्फुज़ ओहदेदार, गुमला)
दिनेश शर्मा (ज़मीन तहफ़्फुज़ ओहदेदार)

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