Friday , December 15 2017

बी एस एन एल और एम टी एन एल का आइन्दा साल इंज़िमाम

टेलीकॉम पब्लिक सेक्टर यूनिट्स बी एस एन एल और एम टी एन एल इमकान है कि आइन्दा साल जुलाई में ख़म हूजाएंगी। दोनों कंपनियों ने एक वाहिद इदारा बन कर ख़िदमात की पेशकश की है जिस से कारकर्दगी में बेहतरी आएगी।

टेलीकॉम पब्लिक सेक्टर यूनिट्स बी एस एन एल और एम टी एन एल इमकान है कि आइन्दा साल जुलाई में ख़म हूजाएंगी। दोनों कंपनियों ने एक वाहिद इदारा बन कर ख़िदमात की पेशकश की है जिस से कारकर्दगी में बेहतरी आएगी।

दिल्ली और मुंबई के सिवा मुल्क भर में बी एस एन एल सरविस फ़राहम की जा रही है जबकि एम टी एन एल सिर्फ़ दो ज़ोन्स मुंबई और दिल्ली में टेलीकॉम ख़िदमात अंजाम देती है। दोनों के इंज़िमाम की क़तई मोहलत जून-जुलाई 2015दी गई है।

इन दोनों का सरकारी तौर पर इंज़िमाम अमल में आएगा ताकि टेलीकॉम सरविस को मूसिर बनाया जा सके। बी एस एन एल डायरेक्टर अनुपम श्री वास्तव ने बताया कि इस इंज़िमाम के ताल्लुक़ से बाज़ उमोर को अंजाम देने की ज़रूरत है और बहुत जल्द इन उमोर से निमटा जाएगा जिस में तनख़्वाहों का मसला और एम टी एन एल खातों में ख़सारा का मामला भी हल करलिया जाएगा।

श्री वास्तव ने कहा कि अव्वल मसला तो ये है कि एम टी एन एल एक दर्ज रजिस्टर कंपनी है और हुकूमत ये देख रही है कि उस को बी एस एन एल के साथ किस तरह ज़म किया जा सकता है। एक तरीका ये है कि हुकूमत एम टी एन एल के शेयर्ज़ खरीदे। दूसरी चीज़ दोनों फर्म्स के दरमियान तनख़्वाहों का फ़र्क़ पाया जाता है। एम टी एन एल के मुलाज़मीन की तनख़्वाहें बी एस एन एल से ज़्यादा हैं इस लिए इस मसले को हल कर लिया जाना ज़रूरी है।

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