Sunday , September 23 2018

बी जे पी का इलेक्शन कमीशन से ओहदेदारों की बरतरफ़ी का मुतालिबा

लखनऊ, ०७ जनवरी (पी टी आई) मायावती ज़ेर-ए-क़ियादत यू पी हुकूमत के 3 ओहदेदारों को बरतरफ़ कर दिया जाए। रियास्ती बी जे पी क़ाइदीन ने आज चीफ़ इलेक्शन कमिशनर एस वाई क़ुरैशी से मुलाक़ात की।

लखनऊ, ०७ जनवरी (पी टी आई) मायावती ज़ेर-ए-क़ियादत यू पी हुकूमत के 3 ओहदेदारों को बरतरफ़ कर दिया जाए। रियास्ती बी जे पी क़ाइदीन ने आज चीफ़ इलेक्शन कमिशनर एस वाई क़ुरैशी से मुलाक़ात की।

वफ़द की क़ियादत शाम निंदा सिंह कर रहे थे। मुलाक़ात में चीफ़ इलेक्शन कमिशनर एस वाई क़ुरैशी के इलावा इलैक्शन कमिश्नर्स एच एस बर्मा और वे ऐस संपत भी शामिल थे।

वफ़द में काबीनी सैक्रेटरी शशांक शेखर सिंह, प्रिंसिपल सैक्रेटरी दाख़िला कंवर फ़तह बहादुर और डी जी पी बृजलाल की बरतरफ़ी का मुतालिबा किया और एहसास ज़ाहिर किया कि यू पी में आज़ादाना और मुंसिफ़ाना इंतिख़ाबात उस वक़्त तक नामुमकिन है जब कि तीन आला ओहदेदारों को उन के ओहदों से बरतरफ़ ना किया जाए। उन्हों ने इल्ज़ाम आइद किया कि ये तीनों ओहदेदार इंतिख़ाबात को मुतास्सिर करते हैं।

इलैक्शन कमीशन की एक टीम एस वाई क़ुरैशी की ज़ेर-ए-क़ियादत आज से इलैक्शन कमीशन की टीम दो रोज़ा दौरा यू पी पर है, जिस में असैंबली इंतिख़ाबात की तैयारीयों का जायज़ा लिया जाएगा।

बी जे पी ने इलैक्शन कमीशन को 18 नकाती याददाश्त भी पेश की, जिस में इल्ज़ाम आइद किया गया है कि हुकूमत की मिशनरी का बरसर-ए-इक़तिदार बी एस पी इस्तिहसाल कर रही है और निशानदेही की कि चीफ़ मिनिस्टर के होर्डिंग्स हनूज़ हटाए नहीं गए हैं और ओहदेदार बी एस पी की ताईद में सरगर्म हैं।

दरीं असना कांग्रेस ने इलेक्शन कमीशन से शिकायत की कि यू पी के बाअज़ ज़िला मजिस्ट्रेट जो रिटर्निंग ऑफीसरस भी मुक़र्रर किए गए हैं, इंतिख़ाबी ज़ाबता अख़लाक़ की ख़िलाफ़वरज़ी और क़ानून-ए-ताज़ीरात हिंद के तहत जराइम में कोई फ़र्क़ किए बगै़र एफ़ आई आर दर्ज करने का हुक्म दे रहे हैं।

कांग्रेस के वफ़द ने चीफ़ इलैक्शन कमिशनर और दीगर दो इलैक्शन कमिश्नर्स से मुलाक़ात करके उन्हें एक याददाश्त पेश की जिस में कहा गयाहीका इंतिख़ाबी प्रोग्राम और पर्चा जात नामज़दगी दाख़िल करने की तारीख़ों के ऐलान के बाद जो शख़्स उम्मीदवार नहीं है इस के अख़राजात को इंतिख़ाबी अख़राजात में शामिल नहीं किया जा सकता, लेकिन ज़िला मजिस्ट्रेटस गै़रज़रूरी और गै़रक़ानूनी तौर पर एफ़ आई आर दर्ज करने का हुक्म दे रहे हैं।

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