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बी जे पी की सफ़ों को भी करप्शन से पाक बनाना ज़रूरी : अडवानी

ख़ुद अपनी पार्टी के क़ाइदीन बिशमोल ( जिसमें) पार्टी सदर नितिन गडकरी के ख़िलाफ़ रिश्वत के इल्ज़ामात ( आरोपों) के दौरान सीनीयर पार्टी लीडर मिस्टर एल के अडवानी ने आज कुछ तल्ख़ बयानी से काम लिया और कहा कि पार्टी की सफ़ों में क़ाइदीन ( लीडर) और

ख़ुद अपनी पार्टी के क़ाइदीन बिशमोल ( जिसमें) पार्टी सदर नितिन गडकरी के ख़िलाफ़ रिश्वत के इल्ज़ामात ( आरोपों) के दौरान सीनीयर पार्टी लीडर मिस्टर एल के अडवानी ने आज कुछ तल्ख़ बयानी से काम लिया और कहा कि पार्टी की सफ़ों में क़ाइदीन ( लीडर) और कैडर को चाहीए कि वो करप्शन के मसाइल ( समस्याओं) से ऊपर उठें ।

उन्होंने तमाम सतहों पर पार्टी क़ियादत से कहा कि उन्हें एक आवाज़ में बात करनी चाहीए और अलग अलग इज़हार ए ख़्याल से गुरेज़ (बचाव) करना चाहीए । मिस्टर अडवानी ने पार्टी की क़ौमी ( राष्ट्रीय) कौंसल के इजलास ( मीटिंग से इख़ततामी ख़िताब करते हुए कहा कि जब हम करप्शन के मसला पर कांग्रेस पर तन्क़ीद ( निँदा) करते हैं तो ये भी याद रखना चाहीए कि हमारी सफ़ों ( दलों)पर भी रिश्वत के इल्ज़ामात हैं।

इस पर पार्टी में अलग अलग इज़हार ख़्याल हो रहा है । हम को अपने ही लोगों के ताल्लुक़ ( संबंध) से सख़्त मौक़िफ़(निष्चय)इख़तियार करनी चाहीए । मिस्टर अडवानी ने पार्टी सफ़ों को करप्शन से पाक होने की जो साफ़ बयानी की है वो ऐसे वक़्त में सामने आई है जब बी जे पी के सदर मिस्टर नितिन गडकरी के ख़िलाफ़ ये इल्ज़ामात आइद किए ( आरोप लगाए) जा रहे हैं कि उन्होंने महाराष्ट्रा में एक आबपाशी ( भुमी/ सिंचाई) स्क़ाम को पोशीदा ( छिपाना) रखने की कोशिश की है ।

मिस्टर गडकरी ने इन इल्ज़ामात की सख़्त तरदीद (खंडन) की है और ये इल्ज़ाम आइद करने वाली आर टी आई कारकुन ( कार्यकरता) अंजली दमानेआ के ख़िलाफ़ क़ानूनी नोटिस जारी करते हुए माज़रत ख़्वाही ( मांफी)का मुतालिबा किया है ।

ये इल्ज़ामात भी आइद किए ( लगाए) जा रहे हैं कि मिस्टर गडकरी के साथी और रुकन पार्लीमेंट ( संसद सदस्य) अजय संकेत को छत्तीसगढ़ में कोयला ब्लॉक्स अलाटमेंट से और आबपाशी ( भूमी) स्क़ाम से फ़ायदा हुआ है ।

मिस्टर अडवानी ने कहा कि बी जे पी को ये इम्तियाज़ (हक) है कि वो दयानतदार मुहिब-ए-वतन और डिसीप्लीन की पाबंद है । अगर इन में कोई ख़ामी पैदा होती है तो लोग हम पर तन्क़ीद (निंदा) करते हैं। उन्होंने कहा कि तमाम सतहों पर बी जे पी क़ियादत को एक आवाज़ में बात करनी चाहीए ।

हम को चाहीए कि अलग अलग इज़हार ख़्याल की रिवायत को ख़त्म करें। उन्होंने कहा कि बी जे पी एक एसी पार्टी के तौर पर जानी जाती है जो पार्टी और हुकूमत में शफ़्फ़ाफ़ियत की पाबंद है । इस मसला पर कोई समझौता नहीं किया जानी चाहीए ।

ये वाज़िह ( स्पष्ट) करते हुए कि मुल्क के अवाम करप्ट यू पी ए हुकूमत को इक़तिदार ( शासन) से बेदखल करने में दिलचस्पी रखते हैं मिस्टर अडवानी ने कहा कि वो पार्टी में इस तरह हक़ीक़त बयानी से इस लिए काम ले रहे हैं ताकि उन की पार्टी कांग्रेस का मुतबादिल ( अदल बदल) बन कर अवाम के सामने आए ।

कांग्रेस ज़ेर क़ियादत यू पी ए में करप्शन के ख़िलाफ़ बी जे पी की मुहिम (अभीयान)उस वक़्त मुतास्सिर ( प्रभावित)हो गई थी जब कर्नाटक में पार्टी से ताल्लुक़ रखने वाले साबिक़ चीफ मिनिस्टर बी एस यदी विरुपा को ही कानकनी (कोयला) स्क़ाम में माख़ूज़ किया गया था । बी जे पी क़ाइदीन ( लीडर) के मालीयाती ख़िरद बुरद की भी इत्तिलाआत हैं।

मिस्टर अडवानी ने कहा कि किसी पार्टी के ताल्लुक़ से अवाम का नज़रिया सब से ज़्यादा अहमियत का हामिल होता है । उन्होंने कहा कि सिटी कार्पोरेशनों में सब से पहले करप्शन का पता चलता है । उन्होंने कहा कि इस मुआमला में पार्टी को चौकस रहने की ज़रूरत है । यू पी ए हुकूमत के ख़िलाफ़ अवाम की ब्रहमी ( गुस्सा) बी जे पी के लिए हिमायत में उसी वक़्त तब्दील हो सकती है जब अवाम उसे हुकूमत का बेहतर मुतबादिल ( अदल बदल) तसव्वुर करें।

मीडिया में कहा जा रहा है कि बी जे पी यू पी ए का मुतबादिल बनने के मौक़िफ़ ( निश्चय) में नहीं है । इस ख़्याल को बदलने की ज़रूरत है । उन्हों ने यू पी ए हुकूमत पर इक़तिदार ( शासन) में बरक़रार रहने सी बी आई को इस्तेमाल करने का इल्ज़ाम आइद करते हुए बी जे पी लीडर मिस्टर एल के अडवानी ने आज कहा कि वो तक़रीबा ( लगभग) यक़ीन रखते हैं कि ये हुकूमत 2014 तक बरक़रार नहीं रहेगी ।

उन्होंने वज़ीर ए आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह पर तन्क़ीद ( टिप्पणी) की और कहा कि वो ( अडवानी ) डाक्टर सिंह को मुल्क का अब तक का सब से कमज़ोर तरीन वज़ीर ए आज़म समझते हैं और अफ़सोस की बात ये है कि ये बात दुरुस्त साबित हुई है ।

मिस्टर अडवानी ने कहा कि उन्हें यक़ीन है कि ये हुकूमत 2014 से क़बल ही ज़वाल ( गिरने/ पतन) का शिकार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर आज कोई उन से सवाल करे तो वो ये पूरे यक़ीन के साथ कह सकते हैं कि ये हुकूमत 2014 तक नहीं चलेगी और इससे क़बल ही ज़वाल ( पतन) का शिकार हो जाएगी ।

मिस्टर अडवानी ने इद्दिआ ( दावा) किया कि ये हुकूमत बीमार है और अगर एक मरीज़ का तक़ाबुल ( आपने सामने) किया जाय तो फिर ये आई सी यू में और वेंटीलेटर ( मस्नूई आला तनफ़्फ़ुस) पर है । ये वेंटीलेटर ऐसा है जो कभी भी नहीं निकाला जा सकता।

उन्होंने कहा कि उन्हें हुकूमत के ज़वाल ( पतन) का शिकार हो जाने का इस हद तक यक़ीन है कि उन्होंने बी जे पी के सदर ( अध्यक्ष) मिस्टर नितिन गडकरी से भी मुशावरत (विचार विमर्श) की है कि आया वो आम इंतिख़ाबात ( चुनाव) के लिए पार्टी उम्मीदवारों के नामों को क़तईयत दे सकते हैं ? ।

उन्होंने कहा कि हुकूमत की असल और मुस्तहकम ( मजबूत) हलीफ़ ( मित्र/ दोस्त) सिर्फ़ सी बी आई है और यही एजेंसी हुकूमत को इक़तिदार ( शासन) पर बरक़रार रखने में हर मुम्किना मदद करेगी । यू पी ए को सिर्फ सी बी आई की शक्ल में एक हलीफ़ दस्तयाब हुआ है और यही एजेंसी 2014 तक इक़तिदार ( शासन) पर बरक़रार रहने हुकूमत की मदद कर सकती है ।

उन्होंने कहा कि जब वो वज़ीर ए आज़म को अब तक का सब से कमज़ोर वज़ीर आज़म क़रार देते हैं तो उन पर तन्क़ीदें ( टिप्पणी)की जाती हैं और कहा जाता है कि वो गैर मुंसिफ़ाना और बे रहमाना अंदाज़ इख़तियार करते हैं ताहम उन्हें अफ़सोस इस बात का है कि वो डाक्टर मनमोहन सिंह के ताल्लुक़ से जो कुछ कहते रहे हैं वो दुरुस्त साबित हुआ है ।

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