Sunday , December 17 2017

बुंदेलखण्ड में सामने आया डैम घोटाला

पीने के पानी के शदीद बोहरान ( संकट) से दो-चार और आबपाशी ( सिंचाई) के लिए पानी नहीं मिलने से किसानों की ख़ुदकुशी के वाक़ियात में इज़ाफ़ा के दौरान बुंदेलखंड में चेक डैमों की तामीर के एक नये घपले का इन्किशाफ़ (ज़ाहिर) हुआ है। ये चेक डैम साबिक

पीने के पानी के शदीद बोहरान ( संकट) से दो-चार और आबपाशी ( सिंचाई) के लिए पानी नहीं मिलने से किसानों की ख़ुदकुशी के वाक़ियात में इज़ाफ़ा के दौरान बुंदेलखंड में चेक डैमों की तामीर के एक नये घपले का इन्किशाफ़ (ज़ाहिर) हुआ है। ये चेक डैम साबिक़ा बी एस पी हुकूमत के दौरान तामीर कराये गए थे।

ज़िला मजिस्ट्रेट और मुख़्तलिफ़ महकमों ( अलग अलग विभागो) के प्रिंसिपल सेक्रेटरियों के दरमयान होने वाली ख़त-ओ-किताब के नतीजे में सरकारी एजैंसीयों के ज़रीया मुनज़्ज़म ( क्रमबद्व) तरीक़े से इस लूट का इन्किशाफ़ हुआ है। इन एजेंसीयों ने ख़ुशकसाली से मुतास्सिरा (प्रभावित) बुंदेलखंड में पीने का पानी फ़राहम करने के लिए चैक डैमों की तामीर के नाम पर करोड़ों रुपये हड़प कर लिए।

चित्रकूट के ज़िला मजिस्ट्रेट डाक्टर आदर्श सिंह ने देही तरक्कियात (Rural Development),छोटी आब-ए-पाशी और शहरी तरक्कियात की वज़ारतों ( Ministers) के प्रिंसिपल सेक्रेटरियों को ख़त लिखा था जिस में दो सरकारी एजेंसीयों सी ऐंड डी एस (जल निगम) की तरफ़ निशानदेही की थी ।

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